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बिहार में भ्रष्टाचारियों की अब खैर नहीं! निगरानी ब्यूरो बनाएगा स्पेशल सेल, स्पीडी ट्रायल कर पहुंचाएगा जेल

cy520520 2025-12-31 20:57:40 views 620
  

भ्रष्ट लोक सेवकों के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की सख्ती। फाइल फोटो



राज्य ब्यूरो, पटना। भ्रष्ट लोक सेवकों के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की सख्ती इस वर्ष और बढ़ेगी। भ्रष्टाचार के मामले में जल्द सुनवाई और को सजा दिलाने के लिए निगरानी ब्यूरो जल्द ही दो नए कोषांग गठित करेगा। पहला कोषांग स्पीडी ट्रायल और दूसरा विभागीय कार्यवाही नाम से संचालित होगा। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

भ्रष्टाचार के मामले में पकड़े गए आरोपितों को वर्ष 2026 में सजा दिलाने पर निगरानी ब्यूरो का सर्वाधिक फोकस होगा। यह जानकारी निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार ने बुधवार को अपने कार्यालय सभागार में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में दी। डीआइजी मृत्युंजय चौधरी, नवीन चंद्र झा, विनोद पांडेय समेत दूसरे पदाधिकारी उपस्थित रहे।

गंगवार के अनुसार जिन दो नए कोषांगों का गठन किया जा रहा है उनमें स्पीडी ट्रायल कोषांग न्यायालय में चार्जशीट से लेकर त्वरित सुनवाई, गवाही, पैरवी पर काम करेगा। जबकि दूसरा कार्यवाही कोषांग भ्रष्ट सरकारी कर्मी पर मुकदमा चलाने के लिए संबंधित विभाग से अनापत्ति लेने का काम करेगा।

दोनों कोषांग की मानीटरिंग आइजी स्तर के अधिकारी करेंगे। प्रेस कांफ्रेंस में गंगवार ने 2025 में निगरानी द्वारा की गई कार्रवाईयों का ब्योरा भी दिया। उनके अनुसार निगरानी ने इस वर्ष भ्रष्टाचार के 122 मामलों में कार्रवाई की, जिसमें 101 मामले रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जाने के, 15 मामले आय से अधिक संपत्ति और सात मामले पद के भ्रष्ट दुरुपयोग से संबंधित हैं।
दावा प्रत्येक दो दिन पर एक प्राथमिकी दर्ज की गई

गंगवार ने बताया कि पिछले 25 वर्ष के दौरान निगरानी में प्रतिवर्ष औसतन 72-73 एफआइआर होती थी, जबकि 2025 में वार्षिक औसत बढ़कर 122 के करीब हो गया है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष दिसंबर महीने में सर्वाधिक 20 प्राथमिकी दर्ज की गई। जबकि पिछले वर्ष 2024 में महज 15 प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इसके मुकाबले 2025 में करीब आठ गुणा ज्यादा मामले दर्ज कर कार्रवाई की गई।
अकेले ट्रैप केस में एक सौ एक प्राथमिकी की गई

गंगवार ने बताया कि वर्ष 2025 में अकेले ट्रैप से जुड़े मामलों में 101 प्राथमिकी दर्ज की गई। जिसमें एक सौ सात भ्रष्ट लोक सेवकों को रिश्वत के साथ पकड़ा गया। जिसमें सात महिला अधिकारी और छह बिचौलिए शामिल हैं।

निगरानी ब्यूरो के इतिहास में संभवत पहली बार ऐसा हुआ कि एक ही दिन 27 अगस्त को अलग-अलग जिलों में ट्रैप की चार कार्रवाई हुई। इसके अलावा 17 दिसंबर को एक ही दिन ट्रैप के दो और डीए केस में एक कार्रवाई की गई है।
आय से अधिक संपत्ति मामले में 15 भ्रष्ट लोक सेवकों पर कसा शिकंजा

डीजी विजिलेंस ने बताया कि बीते वर्ष 2024 में आय से अधिक संपत्ति मामले में सिर्फ दो प्राथमिकी हुई थी। जबकि 2025 में 15 भ्रष्ट लोकसेवकों पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई। सबसे बड़ा केस भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता पर 2.74 करोड़ रुपये का है।

इसके अलावा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के चार, ग्रामीण कार्य विभाग के तीन और पुलिस महकमा के दो पदाधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि लोक सेवकों के खिलाफ चल रही जांच के मामलों के निपटारे की गति भी बढ़ी है।
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