बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। खालिदा जिया,1991 में पहली बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनी थीं। वहीं भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। इस दौरान वह भारत की ओर से संवेदना और सम्मान प्रकट करेंगे। विदेश मंत्री एस जयशंकर का ये दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब भारत और बांग्लादेश की बीच तानातनी बनी हुई है।
80 साल की उम्र में खालिदा जिया का निधन
बता दें कि मंगलवार 30 दिसंबर को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी पार्टी की ओर से बताया गया कि बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री और BNP की चेयरपर्सन खालिदा जिया का आज सुबह ढाका के अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। BNP चेयरपर्सन के प्रेस विंग द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, “BNP चेयरपर्सन और पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया अब हमारे बीच नहीं रहीं।”
पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की पत्नी खालिदा जिया बांग्लादेश की राजनीति की सबसे चर्चित और विवादित नेताओं में से एक रहीं। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की चेयरपर्सन और पूर्व प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने कई दशकों तक देश की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई। खालिदा जिया साल 1991 में बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। इसके बाद उनकी और शेख हसीना के बीच कड़ी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा शुरू हुई। दोनों नेताओं ने लंबे समय तक बारी-बारी से सत्ता संभाली और देश की राजनीति पर गहरा असर डाला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को खालिदा जिया के निधन पर गहरा शोक जताया। उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा कि ढाका में पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की चेयरपर्सन खालिदा जिया के निधन की खबर सुनकर उन्हें बहुत दुख हुआ है। उन्होंने उनके परिवार और बांग्लादेश के लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और ईश्वर से परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि उन्हें साल 2015 में ढाका में खालिदा जिया से हुई अपनी गर्मजोशी भरी मुलाकात याद है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके विचार और विरासत भारत-बांग्लादेश संबंधों को आगे भी दिशा देती रहेंगी। साथ ही उन्होंने दिवंगत नेता की आत्मा की शांति की कामना की। इससे पहले दिसंबर में भी प्रधानमंत्री मोदी ने खालिदा जिया की सेहत को लेकर चिंता जताई थी और बांग्लादेश को भरोसा दिलाया था कि भारत हर संभव मदद देने के लिए तैयार है।