LHC0088 • 2025-12-18 03:37:54 • views 1240
पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को खुश करने के चक्कर में पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर बुरी तरह फंसते दिख रहे हैं। इसकी वजह ट्रंप की गाजा योजना है, जिसके तहत गाजा में एक स्थिरीकरण बल की तैनाती होनी है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
ट्रंप प्रशासन इस्लामाबाद पर इस बल में पाकिस्तानी सैनिकों को शामिल करने के लिए काफी दबाव बना रहा है। अगर मुनीर इसके लिए राजी होते हैं तो उन्हें घरेलू स्तर पर कट्टरपंथियों और जिहादियों की नाराजगी झेलनी पड़ेगी और मना किया तो ट्रंप नाराज हो जाएंगे।
यह उनके लिए एक तरफ कुंआ और दूसरी ओर खाई वाली स्थिति है।समाचार एजेंसी रायटर ने दो सूत्रों के हवाले से बताया कि आगामी हफ्तों में फील्ड मार्शल मुनीर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मिलने के लिए वा¨शगटन जा सकते हैं। उनकी यह यात्रा गाजा बल पर केंद्रित होगी। छह महीने में उनकी यह तीसरी अमेरिका यात्रा होगी।
गाजा में स्थिरीकरण बल में पाक सैनिकों को शामिल करने का दबाव
वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक अटलांटिक काउंसिल के सीनियर फेलो माइकल कुगेलमैन ने कहा, \“अगर पाकिस्तानियों ने इस मिशन का हिस्सा बनने से इन्कार किया तो यह ट्रंप को निराश कर सकता है। इससे पाकिस्तान के लिए समस्या खड़ी हो सकती है।
क्योंकि यह स्पष्ट है कि आसिम मुनीर ही नहीं बल्कि पाकिस्तान का पूरा असैन्य और सैन्य नेतृत्व अमेरिका से निवेश और सुरक्षा सहायता चाहता है, जो लंबे समय से ठप पड़ा है।\“ जबकि लेखिका और रक्षा विशेषज्ञ आयशा सिद्दीकी का कहना है कि ट्रंप की दिलचस्पी पाकिस्तान की सैन्य ताकत की वजह से है।
हालांकि पाकिस्तानी सेना और विदेश मंत्रालय ने इस बारे में रायटर के सवालों पर कोई जवाब नहीं दिया। व्हाइट हाउस ने भी कोई टिप्पणी नहीं की है।
ट्रंप की 20 बिंदुओं वाली येाजना
ट्रंप की 20 ¨बदुओं वाली योजना में युद्ध के बाद संक्रमण काल में गाजा पट्टी के पुनर्निर्माण और आर्थिक रूप से उबरने के दौरान मुस्लिम देशों से एक बल की तैनाती करने की बात है। यह फलस्तीनी क्षेत्र दो वर्ष से ज्यादा समय के दौरान इजरायली सेना की बमबारी से तबाह हो गया है।
कई देश हमास के निरस्त्रीकरण करने के मिशन को लेकर सर्तक हैं कि वे संघर्ष में फंस सकते हैं और उनकी फलस्तीन समर्थक और इजरायल विरोधी आबादी नाराज हो सकती है। आर्थिक रूप से बदहाल पाकिस्तान इकलौता मुस्लिम देश है, जो परमाणु हथियार से संपन्न है।
ट्रंप से निकटता बना रहे मुनीर
अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में वर्षों तक अविश्वास वाली स्थिति रही। लेकिन ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में स्थितियों में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। मुनीर ने ट्रंप के साथ निकटता बनाई है।
गत जून में उन्हें व्हाइट हाउस में लंच पर आमंत्रित किया गया था। यह पहली बार था जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख की इस तरह मेजबानी की थी। इसके बाद मुनीर ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ व्हाइट हाउस का दौरा किया था। |
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