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Jamui News: पत्रकार गोकुल यादव हत्याकांड में छह दोषियों को आजीवन कारावास, जुर्माना भी लगाया

LHC0088 2025-12-17 19:07:03 views 688
  

पत्रकार गोकुल यादव हत्याकांड में छह दोषियों को आजीवन कारावास, जुर्माना भी लगाया



संवाद सहयोगी, जमुई। जमुई के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम अमरेंद्र श्रीवास्तव ने सिमुलतला के पत्रकार गोकुल यादव हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए छह नामजद आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने सभी दोषियों पर अलग-अलग धाराओं में जुर्माना भी लगाया है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने अपने करीब 50 पृष्ठों के विस्तृत फैसले में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत गवाहों के बयान, एफएसएल रिपोर्ट तथा पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक की गवाही से आरोप पूरी तरह प्रमाणित हुए हैं।
यह है मामला

अभियोजन के अनुसार, 10 अगस्त 2022 की सुबह करीब 10:30 बजे सिमुलतला के पत्रकार गोकुल यादव समाचार कवरेज के लिए बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान तीन मोटरसाइकिलों पर सवार छह से सात अपराधियों ने उन्हें घेर लिया और अंधाधुंध फायरिंग कर दी।

गोकुल यादव को सिर, छाती और पीठ में तीन गोलियां लगीं, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़े। घटना के समय उनके भाई मथुरा यादव अपने एक साथी राकेश कुमार के साथ बाइक से बाजार जा रहे थे।

उन्होंने घटना को अपनी आंखों से देखा और घायल गोकुल यादव को लेकर अस्पताल जाने लगे। इसी बीच सिमुलतला के प्रभारी थानाध्यक्ष विद्यानंद पुलिस वाहन के साथ मौके पर पहुंचे और घायल पत्रकार को जमुई सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इधर, न्यायालय ने ट्रायल फेस कर रहे छह आरोपितों में बीरबल यादव, मुनेश्वर यादव (दोनों ग्राम लीलावरण), सरफराज अंसारी (ग्राम लीलावरण), पंकज यादव (ग्राम बस्तीयाडीह), अजय यादव (गोपालामारण, थाना सिमुलतला) तथा योगेंद्र यादव (ग्राम नोनियातरी, थाना चंद्रमंडीह) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

हत्या की धारा 302 के तहत सभी आरोपित पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा अन्य धाराओं में 3000 एवं 5000 रुपये का अलग-अलग जुर्माना भी निर्धारित किया गया है।
पुरानी रंजिश का भी जिक्र

मृतक के भाई मथुरा यादव के बयान पर दर्ज सिमुलतला थाना कांड सं. 75/2022 में कहा गया कि पंचायत चुनाव के दौरान आरोपित बीरबल यादव और मुनेश्वर यादव द्वारा गोकुल यादव एवं उनके परिवार के साथ मारपीट की गई थी, जिसका मामला भी दर्ज था।

वहीं, अजय यादव से भी पूर्व से विवाद चल रहा था। सभी आरोपितों ने गोकुल यादव को जान से मारने की धमकी दी थी। मामले में सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक मु. ताहिर अंसारी एवं चंद्रभानु सिंह ने पक्ष रखा, जबकि स्वतंत्र अधिवक्ता सत्यजीत कुमार ने भी अभियोजन की ओर से बहस की।

बचाव पक्ष की ओर से विभिन्न अधिवक्ताओं ने अपनी दलीलें और साक्ष्य प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने दोष सिद्ध मानते हुए यह फैसला सुनाया।
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