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काशी विश्वनाथ धाम के नवनिर्माण की चौथी वर्षगांठ पर व‍िशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन

deltin33 2025-12-12 22:37:37 views 1091
  

यह तीन दिवसीय उत्सव भक्तों के लिए अद्वितीय अनुभव प्रदान कर रहा है।



जागरण संवाददाता, वाराणसी। विश्वनाथ धाम के नवनिर्माण की चौथी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पञ्चमुखी गणेश जी के प्रांगण में दिव्य धार्मिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर अनेक धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए, जिनमें चिरंजीवी पूजन, नवग्रह पूजन, मृत्युंजय पूजन, हनुमान चालीसा पाठ, राम रक्षा स्तोत्र पाठ, चण्डी पाठ, गणेश पूजन, वरुण पूजन, महामृत्युंजय हवन एवं शिव पंचाक्षर जप शामिल थे। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

शास्त्रों में वर्णित एक श्लोक के अनुसार, सात चिरंजीवी व्यक्तियों का उल्लेख किया गया है, जिनमें परशुराम, बलि, विभीषण, हनुमान, महर्षि वेदव्यास, कृपाचार्य और अश्वत्थामा शामिल हैं। ये सभी चिरंजीवी दिव्य शक्तियों से संपन्न माने जाते हैं और मान्यता है कि ये आज भी पृथ्वी पर विद्यमान हैं। प्रत्येक चिरंजीवी एक विशेषता का प्रतिनिधित्व करता है और ये सभी किसी वरदान, श्राप या नियम से बंधे हुए हैं, जिन्हें योग की अष्ट सिद्धियों के कारण दिव्य शक्तियां प्राप्त हैं।

इन समस्त वैदिक अनुष्ठानों का संचालन विश्वेश्वर शास्त्री द्रविड़ द्वारा किया गया। उनके साथ सहयोगी शास्त्रियों में जितेन्द्र द्विवेदी, देवआनंद मण्डी, तरुण पाण्डेय, गिरीधर शर्मा, अभिषेक त्रिपाठी तथा 7 बटुक उपस्थित रहे। विक्रमी संवत 2078 के अनुसार मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा “श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद” के नवीनीकृत परिसर का लोकार्पण किया गया था। इस ऐतिहासिक अवसर को चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में श्री काशी विश्वनाथ धाम में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं।

शुक्रवार को धाम स्थित पंचमुखी गणेश मंदिर में दिव्य वैदिक अनुष्ठानों की पावन श्रृंखला संपन्न हुई। इस श्रृंखला में आदि चिरंजीवी पूजन, नवग्रह आराधना, महामृत्युंजय हवन, गणेश सहस्रनाम पाठ, दुर्गा सप्तशती पाठ, रामरक्षास्तोत्र तथा हनुमान चालीसा के शत-पाठ सहित शिव पंचाक्षरी जप का आयोजन किया गया।

शन‍ि‍वार को अपराह्न वेला में धाम स्थित शंकराचार्य चौक पर वैदिक यज्ञ तथा जायादी होम संपन्न किया जाएगा। इसके उपरांत मंदिर परिसर में चतुर्वेद पारायण का आयोजन होगा, जिसमें वैदिक परंपरा के विद्वान आचार्य परम वैदिक स्वरूप में वेद-मंत्रों का पारायण करेंगे।

शन‍िवार की शाम को सांस्कृतिक मंच शिवार्चनम् मंच पर प्रतिष्ठित एवं ख्यातिप्राप्त कलाकारों की प्रस्तुति के साथ भव्य सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन निर्धारित है। ये सांस्कृतिक संध्या आध्यात्मिकता, संस्कृति और आधुनिक कला का सुंदर संगम प्रस्तुत करेंगी।

श्री काशी विश्वनाथ धाम में लोकार्पण के चार वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित यह तीन दिवसीय उत्सव भक्तों और दर्शनार्थियों के लिए देवत्व, परंपरा और सांस्कृतिक गौरव से परिपूर्ण एक अद्वितीय अनुभव प्रदान कर रहा है। इस अवसर पर भक्तों ने न केवल धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया, बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आनंद लिया।

इस भव्य आयोजन के माध्यम से न केवल धार्मिक आस्था को पुनर्जीवित किया गया, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा को भी सहेजने का प्रयास किया गया। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल स्थानीय लोगों को बल्कि दूर-दूर से आए भक्तों को भी एकत्रित होने और अपने धार्मिक कर्तव्यों का पालन करने का अवसर मिलता है।

विश्वनाथ धाम का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और एकता का प्रतीक भी है। इस भव्य उत्सव के माध्यम से सभी भक्तों ने एक बार फिर से अपने धर्म और संस्कृति के प्रति अपनी निष्ठा को प्रकट किया है।
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