deltin33 • 2025-12-7 23:39:35 • views 717
जागरण संवाददाता, कानपुर। मैं दादी के पास जा रहा हूं अपनी मां और बहन का ख्याल रखना मेरी जो भी लेनदारी और देनदारी है उसकी जिम्मेदारी सिर्फ मेरी है। इसमें मेरे परिवार का कोई लेना-देना नहीं है। बेटी को वाट्सएप पर भेजे गए सुसाइड नोट में ये बातें लिखकर रेस्टोरेंट संचालक ने आर्य नगर में शनिवार देर शाम आत्महत्या कर ली। स्वजन की सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल कर साक्ष्य जुटाए। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
आर्यनगर निवासी 54 वर्षीय आशीष अग्रवाल माल रोड स्थित रिजर्व बैंक के सामने आमची मुंबई के नाम से रेस्टोरेंट चलाते थे। परिवार में पत्नी रुचि और दो बेटियां खुशी और महक है। स्वजन ने बताया कि करीब ढाई साल पहले उनकी मां ऊषा अग्रवाल का निधन हो गया था। मां से ज्यादा लगाव होने के बाद उनकी मौत के बाद से वह अवसाद में रहते थे।
शनिवार शाम पत्नी सब्जी खरीदने बाजार गई थी। जिसके बाद उन्होंने बेटी को वाट्सएप पर मैसेज भेजा कि वह दादी के पास जा रहे हैं अपना और मां के साथ बहन का ध्यान रखना, मुझे माफ करना। जिसके बाद उन्होंने स्टोर रूम में खिड़की की ग्रिल के सहारे चुन्नी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जब बेटी महक ने मैसेज देखा तो उसने स्वजन के साथ ही कोहना पुलिस को सूचना दी।
मौके पर एसीपी कर्नलगंज अमित चौरसिया कोहना पुलिस और फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे और जांच पड़ताल की। फोरेंसिक टीम को उनके पास मिले मोबाइल फोन में सुसाइड नोट बरामद हुआ।
कोहना थाना प्रभारी विनय तिवारी ने बताया कि रेस्टोरेंट संचालक के पास से मिले मोबाइल में एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें कर्ज होने के जिक्र है। हालांकि उन पर कितना कर्ज था स्वजन को भी इसकी जानकारी नहीं है। प्रारंभिक जांच में कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या की बात सामने आई है।
इधर, प्रेमप्रसंग के चलते छात्रा ने फंदा लगाकर दी जान
महाराजपुर थानाक्षेत्र के रूमा निवासी साहबलाल दर्जी हैं। उनकी 16 वर्षीय नेहा हाईस्कूल की छात्रा थी। परिवार में पत्नी सरोज और बेटा अजय है। रविवार सुबह नेहा ने संदिग्ध परिस्थितियों में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं स्वजन ने प्रेमप्रसंग के चलते आत्महत्या की आशंका जताई है। |
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