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दिल्ली के ठग के 8 बैंक खातों में मिले 50 लाख किए फ्रीज, दुबई- अमेरिका समेत कई देशों के 1000 लोगों को बनाया निशाना

Chikheang 2025-12-5 06:36:38 views 1130
  



जागरण संवाददाता, कानपुर। ठगों का बेताज बादशाह बनने की मंशा पाले दिल्ली के ठग रवीन्द्र नाथ सोनी से संबंधित आठ बैंक खातों में पुलिस को 50 लाख रुपये मिले हैं। यह धनराशि साइबर क्राइम टीम ने फ्रीज करा दी है। ठग ने भारत के साथ दुबई, अमेरिका समेत अन्य देशों के 1000 से ज्यादा लोगों से अरबों रुपये ठगे हैं। दुबई में छह माह की सजा होने के बाद उसने अपना ठगी का नेटवर्क दुबई के बाहर देशों में तैयार किया। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

सदर कोतवाली थाने से जेल भेजे गए रवीन्द्र नाथ की ब्लूचिप नाम से बनी एक दर्जन से ज्यादा कंपनियों के कई खाते खाली मिले, लेकिन देहरादून, मुंबई, दिल्ली समेत अन्य जिलों के आठ बैंक खातों में 50 लाख की धनराशि पाई गई। टीम ने सभी बैंक खातों का ब्योरा जुटाने के लिए ई-मेल भेजे हैं। कई की जानकारी मिली, लेकिन अभी बहुत से खातों का पता नहीं चला। अब्दुल करीम व दुबई की कंपनी में कार्यरत उसके बेटे तलहा करीम से ब्लूचिप कार्मिशयल ब्रोकर एंड ब्लूचिप ग्रुप आफ कंपनीज में निवेश करने पर रकम दोगुणी करने का झांसा देकर 42,29,600 रुपये की ठगी रवीन्द्र ने की थी।

कई राज्यों में की ठगी

नई दिल्ली मालवीय नगर निवासी रवीन्द्र के खिलाफ पांच जनवरी, 2025 को कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से उसको सोमवार को देहरादून के न्यू डिफेंस इन्क्लेव गेट के पास से पकड़कर अगले दिन जेल भेजा था। उसकी ओर से कोर्ट में जमानत के लिए प्रार्थनापत्र लगाया गया था, लेकिन जमानत नहीं मिली। साइबर क्राइम टीम के एक अधिकारी ने बताया कि रवीन्द्र ने लखनऊ, अलीगढ़, दिल्ली, हरियाणा के पानीपत, मुंबई में सैकड़ों लोगों को ठगा।

दुबई के 200 से ज्यादा लोगों से ठगी की जानकारी मिल चुकी है। उसके बड़े नेटवर्क में सात से आठ साझेदार हैं, जो ब्लूचिप नाम की एक दर्जन से ज्यादा बनी कंपनियों में थे। इन सभी का पता लगाया जा रहा है। चार से पांच दिन में जानकारी मिलने की संभावना है। इसके बाद विश्लेषण कर आगे जांच बढ़ाई जाएगी।

वहीं, आरोपित के जेल जाने के बाद से देश व विदेश से ई-मेल पर शिकायतें आ रही हैं। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि लिखित में शिकायतें मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। आरोपित के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मामले में सभी जानकारी मिलने के बाद रिपोर्ट बनाकरउसे प्रवर्तन निदेशालय समेत अन्य विभागों व जांच एजेंसियों को भेजी जाएगी। इससे उसकी संपत्ति चिह्नित कर उसे कब्जे में लेने की कार्रवाई होगी।
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