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वंदे मातरम् गायन का बना रिकार्ड!... गीत को स्वर देने के लिए जुटे थे स्कूली बच्चे, स्वजन और शिक्षकगण

Chikheang 2025-12-3 21:37:40 views 742
  

हिंदुस्तान बुक आफ रिकार्ड्स के प्रमाण पत्र के साथ डीएम व बीएसए। सौजन्य : सूचना विभाग



जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। बेसिक शिक्षा विभाग के जरिए जनपद के इतिहास में हिंदुस्तान बुक आफ रिकार्ड का सर्टिफिकेट एक अध्याय के रूप में जुड़ गया है। जिले के परिषदीय स्कूलों में एक ही समय पर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के सामूहिक गायन को हिंदुस्तान बुक आफ रिकार्ड में दर्ज किया गया है। डीएम और बीएसए को सर्टिफिकेट आफ एक्सीलेंस जारी किया है।
बीएसए डा.लक्ष्मीकांत पांडेय ने हर घर तिरंगा अभियान के तहत अभिनव प्रयास की योजना तैयार की थी। डीएम के निर्देशन में 13 अगस्त 2025 को एक ही दिन और एक ही समय पर जिले के 1,888 परिषदीय विद्यालयों में 1,80,984 छात्र-छात्रा, 10,217 शिक्षक तथा 3,027 अभिभावक समेत 1,94,228 प्रतिभागियों ने एक स्वर में राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन कर देशभक्ति का अद्वितीय संदेश दिया था। बेसिक शिक्षा विभाग ने हिंदुस्तान बुक आफ रिकार्ड्स में आयोजन को दर्ज कराने को आवेदन किया था। हिंदुस्तान बुक आफ रिकार्ड्स ने इस उपलब्धि को राष्ट्रीय गौरव, एकता, सांस्कृतिक जुड़ाव और जनसहभागिता का सर्वोत्तम उदाहरण बता आधिकारिक रूप से रिकार्ड में दर्ज किया है। हिंदुस्तान बुक आफ रिकार्ड्स ने 17 नवंबर 2025 को डीएम श्रुति और बीएसए डा. लक्ष्मीकांत पांडेय को सर्टिफिकेट आफ एक्सीलेंस जारी किया है। बीएसए ने बताया कि वंदे मातरम गायन को लिमका बुक आफ रिकार्ड्स में भी आवेदन कर रखा है। लिमका बुक आफ रिकार्ड्स में भी दर्ज हो सकता है।
खगोलीय नक्षत्रशाला को प्रधानमंत्री ने काफी टेबल बुक में किया था शामिल
साल 2023 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आइएएस अधिकारी अभिषेक पांडेय के नवाचार गांव-देहात में 108 परिषदीय स्कूलों में खगोलीय नक्षत्रशाला को अपनी काफी टेबल बुक में शामिल किया था।
सांस्कृतिक शक्ति तथा राष्ट्रीय एकता का सशक्त उदाहरण है यह उपलब्धि
हिंदुस्तान बुक आफ रिकार्ड्स ने जिले को राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम् के सामूहिक गायन को सर्टिफिकेट आफ एक्सीलेंस जारी किया है। यह उपलब्धि भारत की सांस्कृतिक शक्ति तथा राष्ट्रीय एकता का सशक्त उदाहरण है।-श्रुति, जिलाधिकारी
भविष्य में ऐसे ही प्रयास जारी रहेंगे
यह उपलब्धि जिलाधिकारी की दूरदर्शिता, सूझबूझ, प्रभावी नेतृत्व क्षमता तथा बेसिक शिक्षा विभाग के समस्त विद्यालयों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों का नतीजा है। भविष्य में ऐसे ही प्रयास जारी रहेंगे।- डा. लक्ष्मीकांत पांडेय, बीएसए विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
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