पुलिस गिरफ्त में आरोपित। जागरण
जागरण संवाददाता, दलसिंहसराय (समस्तीपुर) । दलसिंहसराय के अनुमंडल कृषि पदाधिकारी मधुबनी निवासी राकेश कुमार और उनके लिपिक बेगूसराय के तेघड़ा निवासी ललन कुमार को पटना निगरानी विभाग की टीम ने 40 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है।
आरोप है कि दोनों ने बाजार समिति के सब्जी मंडी में अवैध निर्माण की अनुमति से जुड़े भ्रष्टाचार में लिप्त होकर रिश्वत की मांग की थी।पुलिस सूत्रों के अनुसार, दलसिंहसराय के बसढ़िया वार्ड संख्या 10 निवासी जगदीश सिंह के पुत्र प्रमोद कुमार सिंह ने कृषि विभाग पर भ्रष्टाचार की गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
प्रमोद ने बताया कि बाजार समिति के सब्जी बाजार में उनके और अन्य दुकानदारों के लगभग 36 शब्जी दुकानों का निर्माण किया गया था। चूंकि इन दुकानों के निर्माण के लिए प्रशासन की कोई अनुमति नहीं थी, इस कारण अनुमंडल कृषि पदाधिकारी राकेश कुमार ने दुकानदारों को धमकी देते हुए प्रति दुकान 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगनी शुरू कर दी।
रिश्वत की इस भारी मांग और उत्पीड़न से त्रस्त प्रमोद कुमार सिंह ने अधिकृत अधिकारियों के पास शिकायत प्रस्तुत की। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग के डीएसपी पावन कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम दलसिंहसराय पहुंची और एक जाल बिछाकर एसडीओ राकेश कुमार व उनके लिपिक ललन कुमार को रिश्वत लेते हुए दबोच लिया।
गिरफ्तार की गई राशि 40 हजार रुपये की आंशिक रकम थी, जबकि बाकी धनराशि अब भी वसूली जानी थी।निगरानी विभाग ने आरोपियों को तुरंत पटना स्थित अपने कार्यालय ले जाकर प्राथमिक पूछताछ शुरू कर दी है। यह मामला स्थानीय प्रशासन और कृषि विभाग के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
बाजार समिति के निवासियों और दुकानदारों में इस गिरफ्तारी को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कुछ लोग इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत प्रतिक्रिया मान रहे हैं, वहीं कुछ प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की छवि को काफी धक्का पहुंचाया है।
दलसिंहसराय में लंबे समय से बाजार समिति के भीतर अवैध रूप से शब्जी दुकान का निर्माण को लेकर चल रहे विवादों और रिश्वतखोरी की बात लगातार उठती रही है। इस गिरफ्तारी से उम्मीद है कि भविष्य में ऐसे कुकर्मों पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। |
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