search

बिहार जीत के बाद बंगाल पर BJP की नजर, कांग्रेस के सामने बड़ा सवाल- लड़े किससे और बचे कैसे?

cy520520 2025-11-28 04:07:20 views 392
  

बिहार जीत के बाद बंगाल पर BJP की नजर कांग्रेस के सामने बड़ा सवाल (फाइल फोटो)



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बिहार चुनाव में NDA की बड़ी जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा कि अब BJP की अगली बड़ी लड़ाई बंगाल में होगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह गंगा बिहार से होकर बंगाल जाती है, उसी तरह बिहार की जीत BJP को बंगाल तक ले जाएगी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

इस बयान के बाद तस्वीर साफ हैबंगाल 2026 BJP का अगला बड़ा लक्ष्य है। उधर, कांग्रेस की हालत बिहार में भी बहुत कमजोर रही और वह सिर्फ 6 सीटों पर सिमट गई। इससे उसका राजनीतिक वजन और कमजोर दिखा।
कांग्रेस के लिए मुश्किल

कांग्रेस के सामने बंगाल में एक बड़ी उलझन है। किससे लड़ें? ममता बनर्जी से, जो राज्य में पूरी तरह हावी हैं या BJP से जो तेजी से मजबूत हुई है और कांग्रेस को पूरी तरह किनारे कर रही है।

कांग्रेस का बंगाल में लगातार गिरना साफ दिखता है। 2011 में वह TMC की सहयोगी थी और 42 सीटें जीती थीं। 2016 में लेफ्ट के साथ चुनाव लड़कर 44 सीटें मिलीं, लेकिन जमीन कमजोर होने लगी। 2021 तक हालत इतनी खराब हो गई कि कांग्रेस 92 सीटों पर लड़कर भी एक भी सीट नहीं जीत सकी और उसका वोट शेयर सिर्फ 3% रह गया।
BJP का उभार

BJP की बंगाल में बढ़त पिछले दशक की सबसे तेज राजनीतिक बढ़तों में से एक है। 2016 में उसके पास सिर्फ 3 सीटें थीं। 2019 लोकसभा चुनाव में BJP ने 18 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया। 2021 विधानसभा में वह सीधे मुख्य विपक्षी बन गई77 सीटें और 38% वोट शेयर के साथ। अगर यह रफ्तार जारी रही, तो कांग्रेस पूरी तरह मुकाबले से बाहर हो सकती है।
\“TMC अकेले लड़ेगी और अकेले जीतेगी\“

कांग्रेस की परेशानी यह भी है कि ममता बनर्जी उसे कोई खास जगह नहीं देना चाहतीं। 2024 लोकसभा चुनाव से पहले ही उन्होंने कहा था कि TMC बंगाल की सभी 42 सीटें अकेले लड़ेगी और कि INDI गठबंधन \“दिल्ली के लिए है, बंगाल के लिए नहीं\“।

TMC के मुखपत्र ‘जागो बंगला’ के अनुसार, ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी की बैठक में साफ कहा, “TMC 2026 में दो-तिहाई बहुमत के साथ लौटेगी। हमें किसी की मदद की जरूरत नहीं।“ उनका रुख हमेशा से एक ही रहा है- बंगाल में TMC ही अकेली ताकत।
कांग्रेस के पुराने गढ़ भी ढह गए

2016 तक कांग्रेस का असर मालदा और मुर्शिदाबाद में मजबूत था।इंग्लिश बाजार, चांचल, सुजापुर, बेलडांगा, कांदी और नाओदाये सीटें कांग्रेस की पहचान थीं। लेकिन 2021 में यह पूरा नक्शा ढह गया।कांग्रेस 0 सीटों पर सिमट गई।

अब कांग्रेस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है- वह 2026 में क्या बचाने की कोशिश कर रही है? सीटें, वोट शेयर, या सिर्फ राजनीतिक उपस्थिति? TMC सत्ता में है और गठबंधन नहीं चाहती। BJP लगातार बढ़ रही है और कई राज्यों में जीत से उत्साहित है और कांग्रेस के पास न मजबूत नेता है, न संगठन।

कर्नाटक में खुलकर सामने आई कांग्रेस में \“कुर्सी की कलह\“, खरगे ने नेताओं को दिल्ली किया तलब
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
cy520520

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

0

Posts

1410K

Credits

Forum Veteran

Credits
146322

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com