जागरण संवाददाता, मेरठ। टेरिटोरियल आर्मी में भर्ती कराने के नाम पर अभ्यर्थियों को ठगने वाले दो और आरोपितों को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। एक आरोपित के कब्जे से 2.47 लाख रुपये बरामद हुए हैं। दो आरोपितों को शनिवार रात पकड़ा गया था। तीन आरोपितों पर 14 महीने पहले धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ था। इस गिरोह का एक साथी जेल में और तीन आरोपित अभी फरार हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
मेरठ में टेरिटोरियल आर्मी (प्रादेशिक सेना) की भर्ती चल रही है। असफल होने वाले अभ्यर्थियों को भर्ती कराने के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह सक्रिय है। शनिवार को बुलंदशहर निवासी सुशील शर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि आरोप था कि जसवंत असफल अभ्यर्थियों को पास कराने के नाम पर 60 हजार रुपये मांग रहा है।
पास कराने के लिए कितने पैसे दिए?
जसवंत की बातों में आकर उसने अपने रिश्तेदारों के बच्चों को पास कराने के लिए आरोपित को 60 हजार रुपये आनलाइन और 2.50 लाख रुपये नकद दे दिए। इसके बावजूद एक भी अभ्यर्थी पास नहीं हुआ। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने जसंवत और उसके तीन अज्ञात साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने आर्मी इंटेलिजेंस के सहयोग से जसवंत को गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 2.47 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई। पूछताछ में उसने अपने साथी शक्ति, विपिन, बिट्टू पहलवान उर्फ प्रवीण और सतपाल का नाम बताया। शनिवार रात बिट्टू पहलवान उर्फ प्रवीण को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। रविवार को सतपाल निवासी बिजनौर और विपिन निवासी मेरठ को गिरफ्तार कर लिया। |
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