search

दिल्ली-यूपी में तब्लीगी जमात में भी धार्मिक कट्टरता फैला रहे थे आतंकी, कोरोना काल में कई बार हापुड़ भी आई थी शाहीन

cy520520 2025-11-16 19:07:08 views 617
  

आतंकी मॉड्यूल से जुड़ी डॉ. शाहीन और जीएस मेडिकल कॉलेज का डॉक्टर फारुख। सौ. सोशल मीडिया



केशव त्यागी, हापुड़। दिल्ली बम विस्फोट की साजिश के तार दिल्ली से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों से लेकर हापुड़ तक जुड़े हैं। सूत्रों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिला है कि मुख्य आतंकी डॉक्टर शाहीन सईद, उसका भाई डॉक्टर परवेज सईद ने तब्लीगी जमात के नेटवर्क का सहारा लेकर दिल्ली-यूपी क्षेत्र में धार्मिक कट्टरता फैलाई थी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
डॉक्टर फारुख के साथ मंसूबों को अंजाम दे रही थी शाहीन

जमात में युवाओं का ब्रेनवाश कर स्लीपर सेल तैयार किए। कोरोना काल में शाहीन कई बार हापुड़ में तब्लीगी जमात में आई थी। जीएस मेडिकल कॉलेज का डॉक्टर फारुख भी भाई-बहन के संपर्क में आया था। इस साजिश में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ होने की पुष्टि हुई है, जिसने शाहीन को महिलाओं के कट्टरपंथी विंग का कमांडर नियुक्त किया था।
अब तक सौ से अधिक संदिग्ध रडार पर

सूत्रों के अनुसार, शाहीन सईद ने अपने भाई परवेज फारुख के साथ मिलकर तब्लीगी जमात की मस्जिदों व मदरसों में गुप्त बैठकें आयोजित कीं। इन बैठकों का मकसद युवाओं को जिहाद का प्रचार कर जन्नत का रास्ता बताना था, ताकि वह आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार हो सकें। खुफिया एजेंसियों ने अब तक सौ से अधिक संदिग्धों को रडार पर लिया है।
शाहीन ने कोरोना काल में की थी गुप्त बैठकें

सूत्रों के अनुसार, कोरोना महामारी के दौरान (वर्ष 2020-2023) में शाहीन सईद कई बार हापुड़ पहुंची और तब्लीगी जमात से जुड़ी मस्जिदों और मदरसों में युवाओं को निशाना बनाया था। माह अगस्त, वर्ष 2025 में शाहीन लखनऊ गई, जहां परवेज ने उसे जमात के वरिष्ठ नेताओं से मिलवाया। इसके बाद परवेज ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, हाथरस, हापुड़, मुरादाबाद, संभल, बिजनौर, दिल्ली के अलावा कनपुर में कई बैठके कराई थीं।

तब्लीगी जमात में ब्रेनवाश सत्र आयोजित कर धार्मिक कट्टरता का जहर घोलकर स्लीपर सेल तैयार जा रहे थे। डॉक्टर फारुख भी इनके साथ मिलकर हापुड़ में युवाओं को कट्टर बनाने का काम कर रहा था। एजेंसियों ने शाहीन के हापुड़ दौरे का डाटा जुटाया है, जिसमें उसके फोन लोकेशन, मीटिंग रिकॉर्ड और संपर्कों का विवरण शामिल है।
विस्फोट में शामिल लोगों के बने मददगार, दी थी पनाह

जांच में सामने आया कि शाहीन लोगों के घर-घर जाकर प्रचार करती। जबकि परवेज यूनिवर्सिटी कैंपस में भर्ती अभियान चला रहा था। उनके द्वारा जोड़े गए लोगों ने विस्फोट में शामिल आतंकियों की मदद की थी। उन्हें गाड़ियां मुहैया कराई और आवश्यकता पड़ने पर विभिन्न शहरों में उनके रुकने का बंदोबस्त कराया था।
कोरोना काल में पकड़े गए थे विदेशी जमाती

31 मार्च 2021 को को पिलखुवा पुलिस ने दिल्ली के निजामुद्दीन तब्लीगी जमात मरकज में हिस्सा लेकर लौटे नौ विदेशी समेत 13 जमातियों को गांव हावल स्थित एक मदरसे से गिरफ्तार किया था। इनमें इंडोनेशिया और थाईलैंड से दो-दो तथा किर्गिस्तान, नाइजीरिया, कजाकिस्तान और जार्डन से एक-एक जमाती शामिल था। जमातियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया था।

  


शाहीन के हापुड़ आने की बात पर जांच की जा रही है। संभवतय खुफिया एजेंसियां अब तब्लीगी जमात के नेटवर्क की गहन छानबीन कर रही हैं, ताकि ऐसी साजिशें दोबारा न हो सकें।


-

ज्ञानंजय सिंह, एसपी
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
cy520520

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

0

Posts

1410K

Credits

Forum Veteran

Credits
141231

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com