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चुनाव आते ही बढ़ी कुर्ता-पायजामा की डिमांड, दर्जियों को मिल रहे जमकर ऑर्डर

deltin33 2025-10-10 00:43:02 views 1241
  

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फोटो जागरण)



संवाद सूत्र, हेमजापुर (मुंगेर)। जिले में विधानसभा चुनाव का सियासी पारा धीरे-धीरे चढ़ता जा रहा है। ऐसे में नेताओं के जनसंपर्क, दौरा और सियासी मंच पर जो वेशभूषा सबसे अधिक दिखता है वह है नेताओं का पसंदीदा परिधान कुर्ता और पायजामा। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

जी हां! बिहार में चुनाव हो और नेता जी वेश भूषा न बदले ऐसा हो सकता है भला? समय जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है इसकी मांग भी बढ़ती चली जा रही है।

लोगों का कहना है कि नेताजी वाला लुक दिखने के लिए कुर्ता और पायजामा पहनना जरूरी है। इससे मतदाता उनको दूर से ही पहचान लेते हैं। माना जाता है कि विभिन्न दलों के नेता जी का गमछा ही उनको पार्टी की पहचान दिखती है।

ऐसे में कुर्ता-पायजामा सिलवाने के लिए गांव और शहर के दर्जियों के पास नेताजी के कई ऑर्डर आ चुके हैं। हेमजापुर के दर्जी बालेश्वर महतो ने बताया कि पहले के जमाने में नेताजी अधिक धोती पहना करते थे, लेकिन अब कुर्ता पायजामा और बंडी का क्रेज बढ़ गया है।

इनमें सूती और लेनिन ही अधिक पसंद की जाती है। कुछ कपड़ा खरीद कर दे रहे हैं तो कुछ अपने शरीर के अनुसार फिटिंग करवा रहे हैं।

चुनाव में चंद दिन ही शेष बचे हैं लेकिन तैयारी पूरी की जा रही है। विभिन्न दलों के समर्थक और कार्यकर्ता गमछा खरीदने और कुर्ता सिलवाने के लिए बेचैन हो रहे हैं।

वस्त्र विक्रेता राम पुकार साहू ने बताया कि हर साल चुनाव में उनकी दुकानों पर कुर्ता-पायजामा के काफी ऑर्डर मिलते। ऐसे में धोती कुर्ता और पजामा के कपड़े लाकर दुकान में रख दिया गया है।

बता दें कि दो चरणों में चुनाव होने जा रहा है। पहला चरण 6 नवंबर को जिले में चुनाव होने वाले हैं। 10 अक्टूबर को अधिसूचना जारी होते ही नामांकन प्रक्रिया में काफी तेजी आएगी। 17 तक नामांकन होगा। नामांकन के दौरान नेता और समर्थक अलग नजर आने के लिए अपनी-अपनी पोशाक सिलवाने में भी व्यस्त नजर आ रहे हैं।
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