चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव ने इस बार चौंकाने वाले नतीजे दिए हैं। किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला, लेकिन अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कणगम (TVK) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। अपने गठन के महज दो साल के भीतर TVK ने 108 सीटें जीतकर राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया है। अब पार्टी सरकार बनाने की कोशिशों में जुट गई है और बहुमत के लिए जरूरी समर्थन जुटाने की कवायद तेज हो गई है।
पेश किया सरकार बनाने का दावा
TVK ने मंगलवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। पार्टी ने विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा है। सूत्रों के मुताबिक, अगर राज्यपाल की ओर से आमंत्रण मिलता है, तो विजय गुरुवार को चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है। TVK के पास फिलहाल 108 विधायक हैं, यानी उसे सरकार बनाने के लिए कम से कम 10 और विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है।
महाबलीपुरम में ठहराए गए विधायक
राजनीतिक जोड़-तोड़ के बीच TVK ने अपने सभी 108 नवनिर्वाचित विधायकों को महाबलीपुरम के चेंगलपट्टू स्थित एक होटल में ठहराया है। इस कदम को विधायकों को एकजुट रखने और संभावित ‘टूट-फूट’ से बचाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। तमिलनाडु की राजनीति में यह नया नहीं है कि चुनाव परिणाम के बाद पार्टियां अपने विधायकों को सुरक्षित स्थानों पर रखती हैं, ताकि विरोधी दलों की कोशिशों को नाकाम किया जा सके।
अन्य दलों का प्रदर्शन
चुनाव परिणामों में TVK के बाद द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) को 59 सीटें मिली हैं, जबकि AIADMK 47 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस को 5 सीटें और भारतीय जनता पार्टी को 1 सीट पर जीत मिली है। इसके अलावा 14 सीटों पर अन्य छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। इस बिखरे जनादेश ने सरकार गठन की प्रक्रिया को जटिल बना दिया है, जहां हर सीट की अहमियत बढ़ गई है।
विजय को विधायक दल का नेता चुना गया
चुनाव में अप्रत्याशित सफलता के बाद विजय ने पार्टी मुख्यालय में नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक बुलाई। इस बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से TVK विधायक दल का नेता चुना गया। बैठक में संभावित मंत्रिमंडल गठन और विधानसभा में पार्टी की रणनीति पर भी चर्चा हुई। बैठक के बाद विजय ने कड़ी सुरक्षा के बीच अपने आवास के लिए रवाना हुए। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार गठन को लेकर रणनीति पर तेजी से काम किया जा रहा है।
बहुमत जुटाने की चुनौती
TVK के सामने सबसे बड़ी चुनौती बहुमत का आंकड़ा हासिल करना है। दिलचस्प बात यह है कि विजय ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था, ऐसे में उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। इसके अलावा, स्पीकर चुने जाने पर एक विधायक वोटिंग में हिस्सा नहीं ले पाएगा। इस स्थिति में पार्टी को प्रभावी रूप से 12 अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है।
सहयोगियों की तलाश में जुटी TVK
सरकार बनाने के लिए TVK ने कई दलों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। खबरों के मुताबिक, AIADMK से समर्थन की संभावना पर चर्चा चल रही है। हालांकि, इसके बदले में AIADMK उपमुख्यमंत्री पद और महत्वपूर्ण मंत्रालयों की मांग कर सकती है। इसके अलावा कांग्रेस से भी समर्थन मांगा गया है। कांग्रेस नेतृत्व ने इस फैसले को राज्य इकाई पर छोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी विजय से फोन पर बातचीत की है। TVK वामपंथी दलों, विदुथलाई सिरुथाइगल पार्टी (VCK), डीएमडीके और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग जैसे अन्य दलों से भी समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है।
जनता को धन्यवाद और ‘बदलाव’ का संदेश
विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बयान जारी कर तमिलनाडु की जनता का आभार जताया। उन्होंने इस जनादेश को “ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी” बताया और कहा कि यह परिणाम राज्य की राजनीति में बदलाव की इच्छा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने आलोचना और उपहास के बावजूद जनता के भरोसे के बल पर यह सफलता हासिल की है। विजय ने खासतौर पर युवाओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि इस चुनाव में युवा मतदाताओं ने निर्णायक भूमिका निभाई।

Editorial Team
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