लोकसभा में बुधवार को स्पीकर के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव आखिरकार गिर गया, लेकिन इससे पहले सदन में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ओम बिरला के खिलाफ यह प्रस्ताव लेकर आया था, लेकिन संख्या बल कम होने की वजह से यह पास नहीं हो सका। बहस के दौरान उस समय माहौल और गरम हो गया, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तंज कस दिया।
अमित शाह ने सदन में कहा कि विपक्ष आचरण की बात कर रहा है, लेकिन उनके नेता खुद संसद में आंख मारते हैं, प्रधानमंत्री को गले लगाते हैं और फ्लाइंग किस देते हैं। उनके इस बयान के बाद विपक्षी सांसदों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया।
सदन में विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी करते हुए “माफी मांगो” के नारे लगाए और कहा कि गृह मंत्री ने असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया है। हंगामे के बीच अमित शाह ने कहा कि अगर उनके शब्द संसदीय मर्यादा के खिलाफ हैं, तो उन्हें रिकॉर्ड से हटा दिया जाए।
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इस पूरे हंगामे के बीच ही स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वॉयस वोटिंग कराई गई और प्रस्ताव गिर गया।
दरअसल, लोकसभा में विपक्ष के पास संख्या कम है। विपक्ष के कुल करीब 238 सांसद हैं, जिनमें से 99 सांसद कांग्रेस के हैं। बाकी सांसद समाजवादी पार्टी, DMK, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और अन्य दलों के हैं। ऐसे में शुरुआत से ही साफ था कि यह प्रस्ताव पास होना मुश्किल है।
फिर भी इस मुद्दे पर हुई बहस और नेताओं के तीखे बयान की वजह से लोकसभा में माहौल काफी गरम रहा।
केंद्र सरकार को कुल 293 सांसदों का समर्थन हासिल है। इनमें भारतीय जनता पार्टी के 240 सांसद, जनता दल यूनाइटेड (JDU) के 16 सांसद और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के 12 सांसद शामिल हैं। इनके अलावा भी NDA के कई छोटे दल सरकार के साथ हैं।
इसी मजबूत संख्या बल की वजह से विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव पास होने की संभावना शुरुआत से ही बहुत कम मानी जा रही थी। आखिरकार वॉयस वोट के जरिए प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया।
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