होली पर बिहार आने वालों की बढ़ी मुश्किलें, ट्रेनें फुल और हवाई किराया आसमान पर (AI Generated Image)
जागरण संवाददाता, पटना। होली पर्व के नजदीक आते ही देश के विभिन्न महानगरों से बिहार आने वाली नियमित और विशेष ट्रेनें पूरी तरह भर चुकी हैं। दिल्ली, सूरत, मुंबई, सिकंदराबाद और एर्नाकुलम से पटना, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और सहरसा की ओर आने वाली ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट चल रही है।
स्लीपर और एसी कोचों में नो-रूम की स्थिति बन गई है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे द्वारा चलाई गई होली स्पेशल ट्रेनों में भी टिकटों की मारामारी है। कई ट्रेनों में वेटिंग 200 से 300 के पार पहुंच गई है। तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान कुछ ही मिनटों में सीटें भर जा रही हैं।
बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर, छात्र और नौकरीपेशा लोग होली पर अपने घर लौटना चाहते हैं, लेकिन कन्फर्म टिकट नहीं मिलने से उनकी चिंता बढ़ गई है। पूर्व मध्य रेल ने होली को लेकर 50 स्पेशल ट्रेन विभिन्न रूट पर चलाने की घोषणा की है।
नई दिल्ली-पटना, मुंबई-दरभंगा, सूरत-भागलपुर और एर्नाकुलम-पटना रूट पर सबसे अधिक दबाव देखा जा रहा है। रेलवे स्टेशनों के आरक्षण काउंटरों पर लंबी कतारें लग रही हैं और आनलाइन बुकिंग में भी टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। कई यात्री प्रीमियम तत्काल के जरिए अधिक किराया देकर भी सीट पाने की कोशिश कर रहे हैं।
यात्रियों का कहना है कि हर वर्ष होली के समय यही स्थिति बनती है, इसके बावजूद ट्रेनों की संख्या पर्याप्त नहीं बढ़ाई जाती। कुछ लोगों ने बस या निजी वाहनों का विकल्प चुनना शुरू कर दिया है, जिससे सड़क मार्ग पर भी भीड़ बढ़ने की संभावना है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए और स्पेशल ट्रेनें चलाने तथा अतिरिक्त कोच जोड़ने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि फिलहाल स्थिति जस की तस बनी हुई है और होली पर घर पहुंचने की आस लगाए हजारों यात्रियों की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रहीं।
ट्रेनों में टिकट नहीं मिलने का सबसे ज्यादा प्रभाव वैसे लोगों पर पड़ रहा है जिनके बच्चे बाहर पढ़ रहे हैं। होली पर घर आने को टिकट नहीं मिल रहा है। हवाई जहाज का किराया भी ज्यादा होने से घर आना मुश्किल हो गया है।
ट्रेन में टिकट न मिले तो बस हो सकता है विकल्प
होली में दूसरे प्रदेश में रह रहे यात्रियों को बिहार आने के लिए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने पांच राज्यों से बस सेवा की शुरूआत 23 फरवरी से कर दी है। निगम की ओर से 23 फरवरी से 23 मार्च तक 150 से अधिक एसी बसें चलाई जा रही है।
ये बसें पटना, मुजफ्फरपुर, गया, पूर्णिया व दरभंगा से चलाई जाएगी। इन शहरों से चलने वाली बसें दिल्ली, गुरुग्राम, पानीपथ, अंबाला, रांची, लखनऊ व कोलकता के लिए चलाई जाएगी।
दिल्ली के लिए सबसे अधिक 62, हरियाणा के लिए 40, झारखंड के लिए 10, उत्तर प्रदेश के लिए दो और पश्चिम बंगाल के लिए पांच एसी बसें चलाई जा रही है।
होली पर पटना के लिए हवाई किराया आसमान पर
होली के मद्देनजर देश के प्रमुख शहरों से पटना आने वाले विमानों का किराया आसमान छू रहा है। दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद से पटना की उड़ानों में यात्रियों की भारी मांग देखी जा रही है। त्योहार के कारण बड़ी संख्या में प्रवासी लोग घर लौट रहे हैं, जिससे हवाई किराए में अचानक उछाल आ गया है।
दिल्ली से पटना का किराया 13 हजार के पार पहुंच चुका है। वहीं, मुंबई से 25 हजार रुपये से उपर किराया पहुंच गया है। यात्रा पोर्टलों पर दिल्ली और मुंबई से पटना के लिए सामान्य दिनों की तुलना में दोगुने तक किराए दिख रहे हैं।
अहमदाबाद, बेंगलुरु और हैदराबाद से आने वाली उड़ानों में भी सीटें तेजी से भर रही हैं, जिसके कारण अंतिम समय में टिकट लेने वालों को अधिक राशि चुकानी पड़ रही है। एयरलाइंस कंपनियों का कहना है कि मांग बढ़ने और सीमित सीटों के कारण किराए में वृद्धि स्वाभाविक है।  |