पैसे बचाने के चक्कर में पशुशाला में घुसा व्यक्ति जिंदा जला
जागरण संवाददाता, नरकटियागंज (पश्चिम चंपारण)। प्रखंड के चमुआ गांव में देर रात भीषण अगलगी की घटना में एक व्यक्ति की जिंदा जलने से दर्दनाक मौत हो गई है। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते पांच घर जलकर राख हो गए। घटना के दौरान पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
जानकारी के अनुसार गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र के पास स्थित मोहल्ले में धुरंधर यादव (50) ने फूस की पशुशाला बना रखी थी। पशुओं को बांधने के साथ ही उन्होंने उसी में अपने रहने की भी व्यवस्था कर रखी थी।
एक ओर मवेशी बंधे थे और दूसरी ओर वह सोए हुए थे। तभी देर रात अचानक पशुशाला में आग लग गई। आग की लपटें उठती देख उन्होंने तत्परता दिखाते हुए एक-दो मवेशियों को बाहर निकाल लिया। उसमें सोए भूट्टी यादव भी बांस का चचरा तोड़कर बाहर निकल गए।
पैसे निकालने पशुशाला में घुंसा
बताया जाता है कि धुरंधर यादव दोबारा अंदर रखे रुपये अथवा कुछ जरूरी सामान निकालने के लिए पशुशाला में घुस गए। कुछ लोगों ने बताया कि उन्होंने घर बनवाने के लिए 2 लाख रुपये उसमें रखी थी। इसी दौरान धू-धू कर जल रहा फूस का छप्पर उनके ऊपर गिर पड़ा और जलकर उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना में तीन भैंसा भी बुरी तरह झुलस गए हैं। आग लगने के कारणों को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चा है। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि बगल से गुजर रही एक बारात में पटाखा छोड़ने के दौरान निकली चिंगारी से पुआल में आग लगी, जिसके बाद आग घर में पकड़ लिया।
पांच लोगों के घर उसकी चपेट में
वहीं कुछ लोगों का कहना है कि मवेशियों को ठंड व मच्छर से बचाने के लिए जलाए गए अलाव से हादसा हुआ। फूस के बने घर होने के कारण आग तेजी से फैल गई और कुछ ही मिनटों में पांच लोगों के घर उसकी चपेट में आ गए। आग से मधुवन यादव, भीमल यादव, कन्हैया यादव, जितेन्द्र यादव का घर में रखा अनाज, रुपये, कपड़ा, सायकिल, गैस सिलेंडर समेत अन्य सामान जल कर राख हो गया।
ग्रामीणों ने अपने स्तर से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज लपटों के आगे वे बेबस नजर आए। सूचना मिलते ही अग्निशमन दल पहुंचा और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। शिकारपुर थानाध्यक्ष ज्वाला कुमार सिंह ने बताया कि अगलगी की घटना में झुलसे धुरंदर यादव के शव को पोस्टमार्टम के लिए बेतिया भेजा गया है।
घटना की सूचना मिली है। अग्निपीड़ित परिवार को सरकारी नियमानुसार हर संभव मदद दी जाएगी।- सुधांशु शेखर, सीओ, नरकटियागंज  |