क्या है नेटिविटी कार्ड विधेयक और क्यों हो रहा विरोध (AI जनरेटेड)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देशभर में चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का काम चल रहा है। इस बीच केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की सरकार ने विधानसभा में केरल नेटिविटी कार्ड बिल पेश किया है। आइए जानते हैं क्या है केरल नेटिविटी कार्ड बिल और इसे सरकार ने क्यों पास किया है।
दरअसल, केरल सरकार ने जिस नेटिविटी कार्ड बिल को पेश किया है, उसका राज्य के मूल निवासियों को एक फोटोयुक्त पहचान पत्र देना है। हालांकि, विपक्ष इसे \“खतरनाक अलगाववादी राजनीति\“ बताकर इसका कड़ा विरोध कर रहा है।
क्या है नेटिविटी कार्ड ?
विधानसभा में पेश केरल नेटिविटी कार्ड बिल को सब्जेक्ट कमेटी के पास भेजा गया है। यह फोटो वाला कार्ड होगा। इसे अब तक दिए जा रहे नेटिविटी सर्टिफिकेट की जगह लेगा। इसे राज्य सरकार द्पारा आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया जाएगा।
कौन होगा पात्र?
यह कार्ड उन व्यक्तियों को जारी किया जाएगा, जिसका जन्म केरल में हुआ हो और उसने ने किसी अन्य देश की नागरिकता न ली हो। इसके अलावा ऐसे व्यक्तियों को भी दिया जाएगा, जिसका कम से कम एक पूर्वज केरल में जन्मा हो और उसने भी विदेशी नागरिकता न ली हो।
SIR में करेगा मदद
नेटिविटी कार्ड को लेकर केरल सरकार का मानना है कि यह कार्ड स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)) के दौरान नागरिकता को लेकर लोगों में जो डर पैदा हुआ, उसे दूर करने में मदद करेगा। यह कार्ड इस बात की पुष्टि करेगा कि वह व्यक्ति \“केरल\“ का ही निवासी है।
गलत जानकारी होने पर क्या होगा?
वहीं, विपक्षी दल खासकर बीजेपी केरल कैबिनेट के फैसले का विरोध भी हो रही है। विपक्ष इसे खतरनाक अलगाववादी राजनीति करार दे रहा है। जबकि, बिल में प्रावधान है कि गलत जानकारी देने पर 3 महीने तक जेल और 5 हजार रुपये तक का जुर्माना लगेगा।
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