कपिल सांगवान के सहयोगी अमरजीत लोछाब की अंतरिम और नियमित जमानत याचिकाएं खारिज।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू के सहयोगी आरोपित अमरजीत लोछाब को बड़ा झटका देते हुए उसकी अंतरिम जमानत और नियमित जमानत दोनों याचिकाएं खारिज कर दीं। यह मामला संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) से जुड़ा है।
अमरजीत ने किस आधार पर मांगी थी अंतरिम जमानत
अमरजीत लोछाब ने अपने बेटे के इलाज का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की मांग की थी। याचिका में कहा गया था कि उसका बेटा एम्स में भर्ती है और उसे चिकित्सकीय कारणों से राहत दी जाए। इसके साथ ही आरोपित ने मामले के गुण-दोष के आधार पर नियमित जमानत के लिए भी आवेदन दाखिल किया था।
चार लंबी सुनवाइयों के बाद अदालत ने सुनाया आदेश
मामले में विशेष लोक अभियोजक अखंड प्रताप ने अदालत के समक्ष विस्तृत दलीलें पेश कीं। चार अलग-अलग तारीखों पर लंबी सुनवाई के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट स्थित विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत ने दोनों याचिकाओं पर आदेश सुनाया।
अदालत ने रिकॉर्ड और प्रस्तुत तर्कों पर विचार करने के बाद आरोपित अमरजीत लोछाब की अंतरिम जमानत व नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज इस मामले में आरोपित पर मकोका अधिनियम की धाराओं 3 और 4 के तहत संगठित आपराधिक गतिविधियों से जुड़े होने के आरोप हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार लोछाब कुख्यात गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू का करीबी सहयोगी बताया गया है।
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