विधानसभा परिसर में प्रदर्शन
राज्य ब्यूरो, पटना। दलितों को तीन डिसमिल जमीन देने की मांग को लेकर Rashtriya Janata Dal (राजद) के विधायकों ने गुरुवार को विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। विधायकों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान सामाजिक न्याय से जुड़े नारों की गूंज सुनाई दी। राजद नेताओं ने कहा कि यह मुद्दा केवल राजनीति नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन से जुड़ा है। कुछ देर के लिए विधानसभा परिसर में राजनीतिक हलचल तेज रही।
भूमिहीन दलित परिवारों का उठाया मुद्दा
राजद का कहना है कि राज्य में बड़ी संख्या में दलित परिवार अब भी भूमिहीन हैं। ऐसे परिवारों को आवास योग्य जमीन उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
पार्टी नेताओं ने कहा कि तीन डिसमिल जमीन न्यूनतम आवश्यकता है। इससे गरीब परिवार अपने लिए स्थायी आशियाना बना सकेंगे।
नेताओं ने आरोप लगाया कि अब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है। दलितों को किए गए वादे धरातल पर नजर नहीं आते।
सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
विपक्षी दल ने सरकार पर सामाजिक न्याय के मुद्दों पर गंभीर न होने का आरोप लगाया। राजद विधायकों ने कहा कि घोषणाएं तो की जाती हैं, लेकिन क्रियान्वयन नहीं होता।
उन्होंने मांग की कि इस विषय पर स्पष्ट नीति बनाई जाए। साथ ही समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी अपील की।
नेताओं का कहना था कि जमीन का अधिकार सम्मान से जीने का आधार है। यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
राजद नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जब तक तीन डिसमिल जमीन देने का निर्णय नहीं लिया जाता, वे पीछे नहीं हटेंगे।
पार्टी का दावा है कि यह संघर्ष दलितों के हक और अधिकार की लड़ाई है। प्रदर्शन के दौरान कई विधायकों ने सरकार से तत्काल पहल करने की मांग दोहराई।
विधानसभा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही। अब देखना है कि सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है।
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