भागलपुर नगर निगम
जागरण संवाददाता, भागलपुर। नगर निगम और अन्य नगर निकायों में अब विभागीय स्तर पर विकास योजनाओं का कार्य नहीं कराया जा सकेगा। हाल ही में हर वार्ड में दो-दो प्याऊ जैसी छोटी योजनाएं आंतरिक संसाधन मद से विभागीय स्तर पर कराई जा रही थीं। अब प्रशासन ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह बंद कर दिया है।
15 लाख रुपये से कम लागत की योजनाओं पर रोक
नगर विकास एवं आवास विभाग ने 15 लाख रुपये से कम लागत वाली योजनाओं को विभागीय स्तर पर कराने संबंधी पूर्व आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। प्रधान सचिव विनय कुमार द्वारा 25 फरवरी को जारी पत्र में कहा गया है कि अब नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत की सभी योजनाओं का कार्यान्वयन अनिवार्य रूप से ई-निविदा के माध्यम से ही होगा।
पुरानी व्यवस्था अब बंद
विभाग ने स्पष्ट किया है कि 24 अगस्त 2023 को जारी आदेश, जिसके तहत 15 लाख रुपये तक की योजनाओं को विभागीय स्तर पर कराया जा सकता था, उसे तुरंत निरस्त कर दिया गया है। जिन योजनाओं पर अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, उन्हें विभागीय स्तर पर शुरू नहीं किया जाएगा और कोई नया कार्यादेश (वर्क आर्डर) भी जारी नहीं होगा।
पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर
विभाग का कहना है कि ई-निविदा प्रक्रिया से योजनाओं में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और गुणवत्ता सुनिश्चित होगी। इससे वित्तीय अनुशासन भी मजबूत होगा और भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी।
आदेश की प्रति भेजी गई
इस आदेश की प्रति सभी नगर आयुक्तों, कार्यपालक पदाधिकारियों, जिला पदाधिकारियों और अभियंता प्रमुखों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है। इससे नगर निकायों में चल रही और प्रस्तावित योजनाओं पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है।  |