जागरण संवाददाता, मेरठ। छह माह पहले पिता यामीन अंसारी की मौत के आंसू सूखे भी नहीं थे कि इकबाल अंसारी के परिवार पर एक और दुख का पहाड़ टूट पड़ा। सोमवार रात घर में लगी आग ने उनकी पुत्रवधू और पांच पोते-पोतियों को छीन लिया।
यह घटना इतनी भयानक थी कि इसे याद करते ही दिल दहल जाता है। आग की लपटों में रेशम के कपड़ों से भरा घर जलकर खाक हो गया।
अभी तक इस हादसे की जानकारी राजधानी अस्पताल में उपचाराधीन इकबाल की पत्नी अमीर बानो को नहीं दी गई है। वहीं परिवार के सभी सदस्य फिलहाल चाचा के घर में रह रहे हैं।
लिसाड़ी गेट के किदवई नगर में सुराही वाली मस्जिद के पास रहने वाले इकबाल अंसारी के छह बेटे हैं। उनके तीन मंजिला मकान भूतल पर कपड़ों पर कढ़ाई का काम होता था, जबकि पहली और दूसरी मंजिल पर परिवार रहता था।
सोमवार रात आठ बजे परिवार के पुरुष मस्जिद में नमाज पढ़ने गए थे, जबकि महिलाएं और बच्चे घर पर ही मौजूद थे। पहली मंजिल पर अमीर बानो, बेटे फारूख की पत्नी नाजिश, अरशद की पत्नी नाजमा और दो बच्चे थे।
वहीं दूसरी मंजिल पर इकबाल के बेटे असीम की पत्नी रुखसार, बेटा अकदश, छह साल की जुड़वां बेटियां अनालिया व इनायत और फारूख का बेटा हम्माद तथा बेटी महविश थे। परिवार के दो बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे।
रात करीब साढ़े आठ बजे भूतल पर शार्ट सर्किट से आग लग गई। आग की लपटों ने कुछ ही देर में पहली और दूसरी मंजिल को भी चपेट में ले लिया।
आसपास के लोगों ने पहली मंजिल पर मौजूद परिवार के पांच सदस्यों को तो सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन दूसरी मंजिल पर फंसी रुखसार और पांच बच्चों की जान नहीं बचा सके।
रुखसार ने बच्चों के साथ बेडरूम में जाकर दरवाजा बंद कर लिया था। इस हादसे में फारुख के बच्चों हम्माद व महविश की भी मौत हुई है।
बच्चों के बारे में पूछते ही नाजिश की आंखों बहने लगते हैं। वह कहती है कि अगर पता होता कि दूसरी मंजिल पर जाना सुरक्षित नहीं है तो वह बच्चों को वहां नहीं जाने देतीं।
इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। किसी को समझ नहीं आ रहा है कि इस दुखद स्थिति से कैसे बाहर निकलें।
आग लगने की वजह तो ढूंढ ली, किसकी लापरवाही रही... यह पता नहीं कर पाए अफसर
इकबाल के घर में कपड़ा कटिंग का काम चल रहा था। शार्ट सर्किट से रेशम के कपड़े में आग लगी, जिसने पूरे घर को चंद मिनटों में अपनी चपेट में ले लिया। दमकल विभाग ने अपनी रिपोर्ट में आग लगने कारण शॉर्ट सर्किट ही बताया है। अब सवाल उठता है कि शार्ट सर्किट क्यों हुआ और किसकी लापरवाही से हुआ।
बिजली के घरेलू कनेक्शन पर कामर्शियल काम कैसे चलवाया जा रहा था। घर के अंदर ही बिजली के तारों का आडिट तक नहीं कराया गया। हल्के तारों पर अधिक लोड चलने की वजह से शार्ट सर्किट हुआ है।
वहीं दूसरी बात यह है कि दमकल विभाग की गाड़ियां समय पर नहीं पहुंची।
देरी से पहुंचने पर भी उनके पास आवश्यक उपकरण नहीं थे। पाइप भी छोटा पड़ गया। उनके पास घर के अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए सीढ़ी तक नहीं थी। यदि दमकल की टीम समय पर सही तरीके से काम करती तो शायद यह दुखद घटना टल सकती थी।
परिवार ने प्रशासन से कोई कार्रवाई नहीं करने की लिखित में सूचना दी है, जिससे प्रशासनिक जांच पर विराम लग गया है। वहीं एसएसपी अविनाश पांडेय का कहना है कि दमकल से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी जा रही है।  |