चीनी मिल
जागरण संवाददाता, बरेली। मंडल की कई चीनी मिलों में पेराई सत्र अब समापन की ओर पहुंच रहा है। गन्ने की आपूर्ति न मिल पाने से अब तक चार चीनी मिलों में पेराई सत्र समाप्त कर दिया गया है, जबकि अन्य चीनी मिलों ने भी तारीख घोषित कर दी है। अब तक 689.77 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर गन्ना मूल्य 82 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है।
जिले की बहेड़ी चीनी मिल में पेराई सत्र समाप्त हो चुका है। इस चीनी मिल ने 50.45 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। मीरगंज चीनी मिल ने भी मिल बंदी का नोटिस जारी कर दिया है। फरीदपुर चीनी मिल पांच मार्च तक बंद हो जाएगी। सेमीखेड़ा चीनी मिल प्रशासन ने 30 मार्च तक मिल संचालित कराने की रिपोर्ट गन्ना विभाग को दी है।
शाहजहांपुर की मकसूदापुर चीनी मिल भी बंद हो चुकी है, बदायूं की यदु शुगर मिल, कासगंज की न्यूली शुगर मिल भी बंद हो चुकी है। चीनी मिलों ने अब तक किसानों को 1984 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है, जो 82.54 प्रतिशत है। अब भी 419 करोड़ गन्ना मूल्य बकाया है। नवाबगंज और बहेड़ी चीनी मिल पर पिछले साल का भी किसानों का गन्ना मूल्य बकाया है, जिसका भुगतान अभी तक नहीं किया गया है।
उपायुक्त गन्ना राजेश कुमार मिश्र ने बताया कि चीनी मिलों में पेराई सत्र अंतिम चरण में पहुंच चुका है। बकाया गन्ना मूल्य का जल्द भुगतान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। नवाबगंज और बहेड़ी चीनी मिल पर पिछली साल का बकाया भुगतान कराने के लिए आरसी जारी हो चुकी है।
पर्ची पर अंकित प्रजाति को डिग्रेड करने पर होगी कार्रवाई
कुछ चीनी मिलों द्वारा गन्ना किसानों को निर्गत गन्ना आपूर्ति पर्ची पर अंकित प्रजाति को डिग्रेड कर गन्ना खरीद करने की शिकायत शासन तक पहुंची है। गन्ना आयुक्त के स्तर से निर्देश जारी किए गए हैं कि किसानों की लिखित सहमति के बिना गन्ना पर्ची डिग्रेड कर गन्ना तौल करने वाली चीनी मिलों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।
जिला एवं परिक्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि डिग्रेड कर गन्ना तौल करने संबंधी प्रकरण में विधिमान्य व संगत नियमों के अनुरूप जांच कराकर यह सुनिश्चित किया जाए कि चीनी मिल द्वारा डिग्रेड वैरायटी में परिवर्तित कर गन्ना आपूर्ति करने के लिए किसान की लिखित सहमति अनिवार्य रूप से प्राप्त की जाए।
चीनी मिलें किसान के गन्ने को कदापि वापस न करें। गन्ना आपूर्ति के समय डिग्रेड वैरायटी में परिवर्तित करने संबंधी किसी प्रकार की समस्या होने पर किसान विभागीय टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 121 3203 पर दर्ज करा सकते हैं।
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