वीआइपी प्रोटोकॉल पर बीएसएनएल निदेशक को नोटिस, दो अफसरों का तबादला (फाइल फोटो)
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के निदेशक विवेक बंजल के प्रयागराज के प्रस्तावित आधिकारिक दौरे में वीआइपी प्रोटोकाल के तहत आतिथ्य प्रबंधों का विवरण इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
इसके अलावा प्रयागराज में तैनात बीएसएनएल के जनरल मैनेजर और डिप्टी जनरल मैनेजर का तबादला कर दिया गया है। जनरल मैनेजर को आंध्र प्रदेश और डिप्टी जनरल मैनेजर को नार्थ सर्किल भेजा गया है।
प्रेट्र के अनुसार, संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में बंजल के प्रस्तावित प्रयागराज दौरे के दौरान आतिथ्य प्रबंधों से जुड़ी मांगों को बेहद बेतुका और स्तब्ध कर देने वाला करार देते हुए कड़ी निंदा की और कहा कि इस संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
उन्होंने कहा कि नए भारत में इस तरह का आदेश अस्वीकार्य है और यह सभी नियमों व परंपराओं का उल्लंघन है।
जागरण संवाददाता के अनुसार, इस मामले में प्रयागराज बिजनेस एरिया के प्रिंसिपल जनरल मैनेजर बृजेंद्र कुमार सिंह का स्थानांतरण लगभग एक हजार किलोमीटर दूर आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में कर दिया गया है, वहीं डिप्टी जनरल मैनेजर (प्रशासन) जोगेश्वर वर्मा को नार्थ सर्किल में भेजा गया है।
इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन बीएसएनल का कोई भी अधिकारी इस बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
गौरतलब है कि 59 वर्षीय बंजल की प्रयागराज की 25 और 26 फरवरी को दो दिवसीय प्रस्तावित यात्रा को लेकर जारी कार्यालय आदेश में उनके लिए अंत:वस्त्रों, हवाई चप्पलों, शैंपू, साबुन, तौलिये, कंघी, आईने, तेल की शीशी, बेडशीट आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।
19 फरवरी को डिप्टी जनरल मैनेजर की तरफ से कार्यालय आदेश जारी किया गया था। इसमें में छह पुरुष स्नान किट और दो महिला स्नान किटों का इंतजाम करने के लिए कहा गया था। इसमें 50 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
निदेशक की समीक्षा बैठक समेत संगम स्नान का कार्यक्रम था। कार्यालय आदेश की प्रति इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद 21 फरवरी को निदेशक का दौरा निरस्त हो गया था। बंजल इस वर्ष सितंबर में सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
स्थानांतरण आदेश को चुनौती दे सकते हैं दोनों अधिकारी
दोनों अधिकारी स्थानांतरण आदेश को अदालत में चुनौती दे सकते हैं। बीएसएनएल के सूत्रों ने कहा, \“\“सवाल यह है कि जिन दो अधिकारियों को चिह्नित किया गया है, क्या उन्होंने खुद यह काम किया था। अगर ऐसा है, तो वे जिम्मेदार हैं। लेकिन अगर उन्होंने अपने वरिष्ठों के कहने पर काम किया तो क्या होगा? चूंकि यह मुमकिन है, इसीलिए स्थानांतरण आदेश को चुनौती दिए जाने की संभावना अधिक है।\“\“  |
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