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बलपुर के सिहोरा उपद्रव मामले में कोर्ट का कड़ा रुख, सभी दंगाइयों की जमानत अर्जी खारिज

deltin33 Yesterday 20:56 views 934
  



डिजिटल डेस्क, जबलपुर। सिहोरा में धार्मिक आयोजन के दौरान हुए उपद्रव और पथराव मामले में प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय ने 21 आरोपितों की जमानत अर्जियां निरस्त कर दीं। अदालत ने मामले की गंभीरता और संभावित साम्प्रदायिक तनाव को देखते हुए आरोपितों को राहत देने से इंकार कर दिया।

अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी अजय दुबे ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया कि आरोपितों ने एक वर्ग विशेष की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उनके अनुसार घटना आकस्मिक नहीं, बल्कि सुनियोजित प्रतीत होती है। यदि आरोपितों को जमानत दी जाती है तो गवाहों को प्रभावित करने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
क्या है पूरा घटनाक्रम?

प्रकरण विगत 19 फरवरी की रात का है। सिहोरा के आजाद चौक स्थित जय ज्योति समिति परिसर में माता की आरती चल रही थी। आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल थे। आरोप है कि इसी दौरान पास की मस्जिद क्षेत्र से भीड़ आई और विवाद की स्थिति बन गई।

शिकायत के अनुसार पहले कहासुनी और मारपीट हुई, जिसे कुछ समय के लिए शांत करा दिया गया। बाद में बड़ी संख्या में लोग ईंट-पत्थर लेकर पहुंचे और मंदिर परिसर तथा मौजूद लोगों पर पथराव किया। घटना में कई लोग घायल हुए और मंदिर परिसर में तोड़फोड़ की गई।

पुलिस बल पहुंचने पर भीड़ तितर-बितर हो गई। कुछ लोग मौके से भाग निकले, जबकि कुछ को हिरासत में लिया गया।

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अदालत की टिप्पणी

न्यायालय ने अपने आदेश में माना कि प्रकरण की प्रकृति संवेदनशील है और इससे सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका है। ऐसे में इस स्तर पर जमानत देना न्यायोचित नहीं है।

पुलिस द्वारा प्रकरण में आगे की विवेचना जारी है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।   
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