पूर्णिया एयरपोर्ट पर गृहमंत्री अमित शाह का हुआ आगमन, किशनगंज में सुरक्षा अलर्ट।
जागरण टीम, अररिया/किशनगंज/पूर्णिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 से 27 फरवरी तक सीमांचल के किशनगंज, अररिया और पूर्णिया के दौरे पर हैं। 26 फरवरी को वे एसएसबी 52वीं वाहिनी, अररिया मुख्यालय अंतर्गत लेटी में प्रशासनिक सह आवासीय भवन का लोकार्पण करेंगे और कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक में भाग लेंगे। दौरे को लेकर इंडो-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट घोषित किया गया है। हेलीपेड से लेकर कार्यक्रम स्थल तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। 27 फरवरी को समीक्षा बैठक के बाद उनके दिल्ली लौटने का कार्यक्रम है।
सामरिक दृष्टि से अहम माना जा रहा दौरा
सीमांचल का यह दौरा सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। किशनगंज, अररिया और पूर्णिया नेपाल एवं बांग्लादेश सीमा के निकट स्थित हैं। यही इलाका तथाकथित ‘चिकन नेक’ कॉरिडोर से भी जुड़ा है, जो पूर्वोत्तर भारत को शेष देश से जोड़ता है। सूत्रों के अनुसार समीक्षा बैठक में घुसपैठ, फर्जी दस्तावेज नेटवर्क और डेमोग्राफी में बदलाव जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इसे केंद्र सरकार की सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा सुदृढ़ीकरण की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
सीमा पर कड़ी चौकसी
सिकटी और कुर्साकांट क्षेत्र में आमबाड़ी से सोनामनी गोदाम तक नेपाल सीमा पर कई चेकपोस्ट बनाए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस पदाधिकारी और दंडाधिकारी की तैनाती की गई है। मंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए लेटी और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। मंत्री के ठहराव के दौरान कई मार्गों पर सामान्य वाहनों का परिचालन अस्थायी रूप से बंद रहेगा।
केंद्रीय एजेंसियों ने संभाली सुरक्षा
लेटी में सुरक्षा की कमान केंद्रीय एजेंसियों ने संभाल ली है। एसएसबी और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सीमा सुरक्षा, चिकन नेक कॉरिडोर से जुड़े मुद्दों और ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना की प्रगति पर भी चर्चा होने की संभावना है। सीआरपीएफ की वीआईपी सुरक्षा टीम ने हेलीपेड से कार्यक्रम स्थल तक आधुनिक उपकरणों से जांच की है। क्यूआरटी टीम, अग्निशमन दस्ता, मेडिकल इमरजेंसी प्रबंधन, कार्केड मूवमेंट और पार्किंग व्यवस्था सहित सभी सुरक्षा बिंदुओं पर विशेष तैयारी की गई है।
कानून-व्यवस्था और सीमा प्रबंधन पर मंथन
बताया जा रहा है कि समीक्षा बैठक में सीमा पार आवागमन, निगरानी तंत्र, खुफिया समन्वय और बिना वैध दस्तावेज के प्रवेश को रोकने के उपायों पर विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही कानून-व्यवस्था की स्थिति और सीमा प्रबंधन की समीक्षा की जाएगी। कुल मिलाकर, सीमांचल का यह दौरा केंद्र सरकार की सुरक्षा प्राथमिकताओं और सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
खासकर भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जोगबनी सीमा से आने-जाने वाले लोगों की सघन जांच की जा रही है और प्रशिक्षित डॉग स्क्वायड की भी मदद ली जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर पैदल यात्रियों के लिए अलग रूट बनाया गया है, ताकि जांच प्रक्रिया सुचारु रहे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
56वीं वाहिनी एसएसबी के कमांडेंट शाश्वत कुमार ने बताया कि सीमा पर जांच अभियान नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन गृहमंत्री के आगमन को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जवान पूरी तरह अलर्ट मोड में तैनात हैं। गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री तीन दिवसीय किशनगंज, अररिया और पूर्णिया दौरे पर हैं, जिसको लेकर पूरा प्रशासनिक महकमा सतर्क है।  |
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