राज्य ब्यूरो, लखनऊ। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) तथा राज्य कर विभाग (एसजीएसटी) ने तय किया है कि फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) पास करने वाली बोगस फर्मों के खिलाफ संयुक्त रूप से प्रभावी कार्यवाही करेंगे।
स्थानीय स्तर पर भी सीजीएसटी और एसजीएसटी के अधिकारी सूचनाएं एक-दूसरे से साझा करेंगे। राज्य कर विभाग की प्रमुख सचिव कामिनी चौहान रतन ने अधिकारियों ने केंद्र व राज्य के अधिकारियों से कहा है कि वे इसके लिए नियमित रूप से समन्वय बैठकें करें।
मंगलवार को प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में राज्य कर विभाग के गोमती नगर स्थित राज्य कर प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान में राज्य समन्वय समिति की बैठक हुई।
प्रमुख सचिव ने सीजीएसटी और एसजीएसटी के अधिकारियों से कहा कि वे समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करें साथ ही अपने अनुभवों को परस्पर साझा करने के लिए उच्च स्तर पर नियमित अंतराल पर बैठकें करें।
फर्जी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) आइटीसी पास आन करने वाली बोगस फर्मों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई करें। राजस्व नुकसान पहुंचाने वाले करदाताओं से जुड़ी सूचनाएं तेजी से आदान प्रदान करें, ताकि कर चोरी के मामलों में त्वरित कार्यवाही की जा सके। जीएसटी इंटेलीजेंस के अधिकारियों से से कहा कि वे कर चोरी के मामलों में सूचनाएं समय से दें।
बैठक में यह भी तय किया गया कि केंद्र व राज्य कर के अधिकारी भी स्थानीय स्तर पर हर महीने बैठकें करेंगे। मुख्यालय स्तर पर यह बैठक हर तीसरे महीने होगी।
बैठक की सह अध्यक्षता आयुक्त राज्य कर नितिन बंसल और सीजीएसटी के चीफ कमिश्नर पीके कटियार ने की। सीजीएसटी लखनऊ परिक्षेत्र के प्रधान आयुक्त केपी सिंह, आयुक्त मुकेश कुमार पाल, अपर आयुक्त पीयूष कटियार, अपर आयुक्त राज्य कर धनंजय शुक्ला. बृजेश कुमार मिश्रा आदि बैठक में उपस्थित थे।  |
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