पीजीआई चंडीगढ़ ने 82 कर्मचारियों को हटाने के पत्र जारी किए (फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता, चंडीगढ। पीजीआई चंडीगढ की ओर से मंगलवार सुबह 82 कर्मचारियों को सेवा से हटाने के पत्र जारी होने के बाद संस्थान में रोष फैल गया। सभी कर्मचारी निजी आउटसोर्स कंपनी के माध्यम से हाउसकीपिंग और हॉस्पिटल अटेंडेंट के पदों पर कार्यरत थे।
पत्र जारी होते ही कर्मचारियों और यूनियन नेताओं ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया। मामले के तूल पकड़ने के बाद शाम को यूनियन नेताओं ने दावा किया कि फिलहाल कर्मचारियों को हटाने का फैसला रोक दिया गया है। इस प्रकरण में ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने भी सख्त रुख अपनाया।
कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन के नेता विक्रमजीत सिंह ने बताया कि पीजीआई प्रबंधन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि किसी भी कर्मचारी को नहीं निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर बुधवार सुबह प्रबंधन और यूनियन के बीच बैठक प्रस्तावित है, जिसमें अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि जिन 82 कर्मचारियों को पत्र जारी किए गए थे, वे लंबे समय से संस्थान में सेवाएं दे रहे हैं। अचानक छंटनी की कार्रवाई से कर्मचारियों में अनिश्चितता और नाराजगी बढ़ गई है।
यूनियन नेताओं का कहना है कि अगर बैठक में कर्मचारियों के पक्ष में ठोस फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। वहीं, प्रबंधन स्तर पर अब तक इस मामले में कोई औपचारिक लिखित बयान जारी नहीं किया गया है।  |