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UP में बोगस फर्मों के जरिए 2. 29 करोड़ की कर चोरी, दो झारखंड और दो औरेया के आरोपित गिरफ्तार

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जागरण संवाददाता, औरैया। बोगस फर्मों के जरिए राज्य कर (जीएसटी) चोरी के मामले में दर्ज मुकदमे के आधार पर नौ लोगों से पूछताछ के बाद हाथ लगे इनपुट के बाद चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें दो झारखंड के हैं। दो औरैया के। सोमवार दोपहर पुलिस की एआइटी ने हिरासत में लिया था। उन्हें सदर कोतवाली में लाया गया। जहां पूछताछ की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि राज्य कर अधिकारी इटावा वीरी सिंह द्वारा 30 जुलाई 2025 को धनबाद (झारखंड) निवासी बापी केवरा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। करीब 229.50 लाख (दो करोड़ 29 लाख 50 हजार रुपये) कर चोरी का मामला बताया गया। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे मामले का राजफाश किया गया। एसपी अभिषेक भारती का कहना है इनपुट टैक्स चोरी का मामला है। यह नेटवर्क काफी बड़ा है। जांच जारी है।


कोतवाली में दर्ज कराए गए मुकदमे में राज्य कर अधिकारी ने बताया था कि शारदा ट्रेडिंग कंपनी कस्बा खानपुर पर सदर कोतवाली के विरुद्ध कर अपवंचन (कर चोरी) का आरोप लगाया था। बोगस फर्म से खरीद कर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) क्लेम किया गया। विशेष अनुसंधान शाखा, राज्य कर विभाग द्वारा 12 दिसंबर 2024 को अपर आयुक्त ग्रेड-2 (विशेष अनुसंधान) राज्य कर तथा संयुक्त आयुक्त (विशेष अनुसंधान), राज्य कर संभाग इटावा के निर्देशों के क्रम में जांच प्रारंभ की गई।

जांच में यह तथ्य सामने आया कि शारदा ट्रेडिंग कंपनी द्वारा गौरी शंकर ट्रेडिंग कंपनी, जयपुर (राजस्थान) जीएसटीएन से वस्तुओं की खरीद दर्शाते हुए 229.50 लाख की फर्जी आइटीसी का दावा किया गया। जांच में यह पाया गया कि गौरी शंकर ट्रेडिंग कंपनी, जयपुर द्वारा अपने जीएसटीआर-3 बी रिटर्न में किसी भी प्रकार की कर देयता स्वीकार नहीं की गई है। यह भी स्पष्ट हुआ कि बिना किसी वास्तविक माल की आपूर्ति के, केवल फर्जी आइटीसी प्राप्त करने एवं टैक्स अपवंचन के उद्देश्य से शारदा ट्रेडिंग कंपनी द्वारा टैक्स इनवाइस जारी किए गए।

इसके अतिरिक्त शारदा ट्रेडिंग द्वारा भी विभिन्न फर्मों को बिना वास्तविक माल की आपूर्ति किए आइटीसी पास आन करते हुए सरकारी राजस्व को क्षति पहुंचाई गई। इन तथ्यों के आधार पर संयुक्त आयुक्त (विशेष अनुसंधान) राज्य कर विभाग संभाग इटावा द्वारा जारी सर्च वारंट प्राप्त कर फर्म के व्यवसाय स्थल की जांच की गई। जांच के दौरान फर्म का घोषित व्यापारिक प्रतिष्ठान अस्तित्व में नहीं पाया गया। फर्जी दस्तावेज के माध्यम से पंजीयन पाया गया। फर्म बोगस निकली।

विभागीय नियमों के अनुसार दो गवाहों की उपस्थिति में पंचनामा तैयार किया गया। फर्म स्वामी बीपी केवरा को समन जारी किया गया। झारखंड व औरैया सदर के खानपुर निवासी टेडिंग कंपनी के मालिक से पूछताछ हो चुकी है। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्म का पंजीयन प्राप्त किया गया और करीब 229.50 लाख की आइटीसी प्राप्त कर उसका गलत तरीके से उपयोग कर कर अपवंचन किया गया।
ये किए गए गिरफ्तार

झारखंड के धनबाद जनपद के चिरकुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत मिराहा निवासी करीब 43 वर्षीय श्याम सुंदर पासवान, करीब 32 वर्षीय अशोक कुमार पासवान, सदर कोतवाली क्षेत्र औरैया के मंगला पैलेस के पास निवासी महावीर शरण उर्फ पहाड़िया, विमल कुमार निवासी गुमटी मोहाल।   
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