search

रणजी ट्रॉफी का महासंग्राम आज से, प्रार्थनाओं का दौर शुरू; समद के पिता बोले- पूरी उम्मीद, हर खिलाड़ी जी-जान लगा देगा

deltin33 10 hour(s) ago views 758
  

कैप्शन: जम्मू-कश्मीर टीम के खिलाड़ी शुभम खजूरिया के माता-पिता जागरण



विकास अबरोल, जम्मू। रणजी ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले के लिए महासंग्राम आज से शुरू हो रहा है। रणजी के 67 वर्ष के क्रिकेट इतिहास में पहली बार फाइनल में पहुंची जम्मू-कश्मीर की टीम के लिए यह करो या मरो की स्थिति है।

अगर जम्मू-कश्मीर के धुरंधर पांच दिवसीय टेस्ट मैच का फाइनल जीतते हैं तो वे कीर्तिमान रच देंगे। इसके लिए तेज गेंदबाज अब्दुल नबी डार से लेकर सुनील कुमार और शुभम खजूरिया से लेकर अब्दुल समद तक सभी जी-जान लगाने को तैयार हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर में प्रार्थनाओं का दौर भी शुरू हो चुका है।

विशेषकर खेल प्रेमियों के साथ टीम के खिलाड़ियों के घरों में मैच का प्रसारण देखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। खिलाड़ियों के अभिभावकों ने कहा कि हमें पूरा यकीन है कि हमारी टीम ट्रॉफी जीतने के साथ दिल भी जीतकर लौटेगी।

जम्मू-कश्मीर की टीम मंगलवार सुबह कर्नाटक में हुबली मैदान में आठ बार की चैंपियन कर्नाटक के विरुद्ध रणजी फाइनल मुकाबला खेलने उतरेगी तो कीर्तिमान की हैट्रिक बनाने से मात्र एक जीत दूर होगी।
सेमिफाइनल में पहुंचकर रचा कीर्तिमान

जम्मू-कश्मीर की टीम ने इस सीजन बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में पहुंचकर पहला कीर्तिमान बनाया और फिर सेमीफाइनल में बंगाल को उसके ही घरेलू मैदान में पराजित कर फाइनल में पहुंचकर दूसरा इतिहास रचा। जम्मू-कश्मीर के स्टार खिलाड़ी शुभम खजूरिया के पिता प्रदीप खजूरिया ने कहा कि यह गर्व का क्षण है।

उन्होंने कहा कि शुभम का भी यही सपना था कि एक बार जम्मू-कश्मीर की टीम रणजी का खिताब जीतकर आए और मैं उस टीम का हिस्सा रहूं। पिछले सात वर्षों से जम्मू-कश्मीर की टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही है।

जम्मू-कश्मीर की टीम पांच बार क्वार्टर फाइनल पहुंची। हालांकि एक बार क्वार्टर फाइनल में हम जम्मू के जीजीएम साइंस कालेज के हास्टल ग्राउंड में कर्नाटक के खिलाफ खेले गए मुकाबले में बड़े अंतर से हारे थे। पिछले वर्ष भी हम क्वार्टर फाइनल में थे। पिछले वर्ष केरल से मात्र एक रन से पिछड़कर सेमीफाइनल में पहुंचने से रह गए थे। इस बार जम्मू-कश्मीर की टीम रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतकर लाएगी और हम सभी देखेंगे।

प्रदीप खजूरिया ने कहा कि शुभम का सेमीफाइनल में अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा, लेकिन क्वार्टर फाइनल में उसने टीम के लिए एक अच्छी पारी खेली। मुझे उम्मीद है कि जम्मू-कश्मीर की ओपनिंग अच्छी रहेगी और टीम जीतेगी।

वर्ष 2025 में दोहरा शतक जड़ने वाले शुभम खजूरिया के पिता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन की प्रबंधन कमेटी ने पिछले पांच वर्षों में बड़ा अच्छा काम किया है और अभ्यास मुकाबले भी खेले हैं। इसका परिणाम आज सभी के सामने है। मां वर्षा खजूरिया भी फाइनल को लेकर उत्साहित हैं और उनका मानना है कि ईश्वर चाहेंगे तो हम रणजी फाइनल जीतने में सफल रहेंगे।
समद के पिता बोले पूरी उम्मीद, हर खिलाड़ी जी-जान लगा देगा

जम्मू-कश्मीर रणजी टीम के हरफनमौला खिलाड़ी अब्दुल समद के पिता मोहम्मद फारूक और मां फरजाना की खुशी का भी ठिकाना नहीं है। मोहम्मद फारूक ने कहा कि दिसंबर 2019 में जब मेरे बेटे समद को वर्ष 2020 के आइपीएल के 13वें संस्करण के लिए सनराइजर्स हैदराबाद की टीम ने खेलने के लिए चुना था, उतनी खुशी तब नहीं हुई थी, उससे कहीं अधिक खुशी आज हो रही है।

अब हम सुबह का इंतजार कर रहे हैं कि कब मुकाबला शुरू हो और हम इस यादगार लम्हों को देख सकें। मोहम्मद फारूक ने कहा कि पवित्र रमजान का महीना है और हमें ही नहीं सभी को यकीन है कि जम्मू-कश्मीर की टीम का हर खिलाड़ी पहली बार रणजी खिताब जीतने के लिए अपनी जी-जान लगा देगा।

उन्होंने कहा कि खुदा का शुक्र है कि जम्मू-कश्मीर की टीम को पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में देखने का मौका नसीब हो रहा है। वहीं जम्मू कश्मीर के क्रिकेट प्रेमियों में इस मैच को लेकर खासा उत्साह है। वहीं जम्मू से कई क्रिकेट प्रेमी, खिलाड़ी मैच देखने के लिए कर्नाटक के लिए निकले हुए हैं। अमित सिंह ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रदेश की टीम जीतेगी।

    
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4710K

Credits

administrator

Credits
476265