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नोएडा में ‘पाठशाला ऑन व्हील्स’: ई-रिक्शा बना डिजिटल क्लासरूम, 300 से ज्यादा बच्चों तक पहुंची शिक्षा

deltin33 2 hour(s) ago views 721
  

पाठशाला आन व्हील्स में डिजिटल माध्यम से कक्षाएं लेते प्रिंस शर्मा। जागरण



चेतना राठौर, नोएडा। जिले में शासकीय और निजी स्कूल होने के बाद भी बच्चे शिक्षा से वंचित हैं ऐसे बच्चों के लिए ई रिक्शा आधारित डिजिटल क्लासरूम और पाठशाला आन व्हील की मदद से घर-घर शिक्षा पहुंच रही है।

चैलेंजर्स ग्रुप की पहल से कचरा उठाने,भीख मांगने के लिए उठने वाले हाथों में अब कलम और पुस्तक नजर आने लगी है।

जिन बच्चों ने कभी स्कूल नहीं देखा वह अब ई रिक्शा देख पाठशाला में पढ़ाई करते हैं सुबह घर का काम शाम में पाठशाला में तकनीकी शिक्षा के साथ शैक्षणिक स्तर की शिक्षा प्राप्त करते हैं। जो बच्चे कभी नाम न लिख पाते थे वह आज नाम लिखने के साथ अपने माता पिता को उनका नाम लिखना सिखा रहे हैं।
300 से अधिक छात्र लाभान्वित

इस कदम से 300 से अधिक बच्चों तक नियमित रूप से डिजिटल एवं बुनियादी शिक्षा पहुंचाई जा रही है। यह पहल विशेष रूप से उन बच्चों के लिए तैयार किया गया है जो या तो कभी स्कूल नहीं गए थे या पढ़ाई बीच में छोड़ चुके थे।

  

नोएडा के सलारपुर गांव में पाठशाला आन व्हील में कंप्यूटर पर पढ़ाई करते बच्चे। जागरण

ई-रिक्शा आधारित डिजिटल क्लासरूम और बस माडल, जिसमें स्मार्ट स्क्रीन, डिजिटल लर्निंग सामग्री और बैठने की व्यवस्था उपलब्ध है। मुख्य रूप से 6 वर्ष से 16 वर्ष तक के बच्चे अध्ययनरत हैं। चौड़ा गावं,सलारपुर,खोड़ा,अकूबपुर,गौड़ सिटी के पास स्लम क्षेत्र में कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है।
तकनीकी शिक्षा में हो रहे सक्षम

पाठशाला आन व्हील्स में डिजिटल माध्यम से पढ़ाई कराई जाती है। इसके साथ ही बच्चों के शैक्षणिक स्तर का आकलन करके उन्हें शिक्षा भी दी जा रही है। सिर्फ तकनीकी शिक्षा नहीं बल्कि बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक नींव को मजबूत करना भी उद्देश्य है।

  

ई रिक्शा पर डिजिटल क्लासरूम में शिक्षा देते चौड़ा गांव में। जागरण
स्कूल नहीं देखा रास्ता

पाठशाला में पढ़ते एक बच्चे ने बताया कि वो कभी स्कूल नहीं गया लेकिन चौड़ा गावं में ई रिक्शा में क्लासरूम में पढ़ाई शुरू की तब समझ सके। शिक्षित होना कितना जरूरी है। बिहार से अभिभावक काम की तलाश में आए थे। पढ़ाई करने का ख्याल कभी नहीं आया। अब में हिंदी लिखने के साथ पढ़ सकता हूं।

यह भी पढ़ें- भागलपुर के स्कूलों में डिजिटल क्रांति: 305 स्मार्ट क्लास तैयार, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता जांचेगी ADRI टीम

  





इस पहल की शुरुआत वर्ष 2023 से इसका उद्देश्य केवल पढ़ाई कराना नहीं, बल्कि बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें एक सुरक्षित एवं सकारात्मक शिक्षण वातावरण प्रदान करना है।
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प्रिंस शर्मा,संस्थापक,चैलेंजर्स ग्रुप, नोएडा   
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