जेल के अंदर महिला कैदी ने लगाई फांसी। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा के पुरी ज़िले की नीमापड़ा उप-जेल में एक महिला कैदी संदिग्ध परिस्थिति में मृत पाई गई।मृतका की पहचान डेलांग क्षेत्र की मधुस्मिता बराल के रूप में हुई है। उसे पिछले साल दिसंबर से जेल में रखा गया था। उसे अपनी नाबालिग बेटी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
सूत्रों के अनुसार, मधुस्मिता ने दोपहर का भोजन किया था और अन्य कैदियों के साथ वार्ड के बरामदे में बैठी थी। इसके बाद वह अंदर चली गई। लगभग 20 मिनट बाद, अन्य कैदियों ने उसे वार्ड के अंदर फंदे से लटका हुआ पाया।
जेल प्रशासन ने तुरंत मधुस्मिता को बचाकर निमापड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया और बाद में बेहतर इलाज के लिए उसे पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया।
हालांकि, वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। महिला कैदी की असामयिक मौत के सही कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। अब तक इस घटना को लेकर पुलिस या जेल अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
शौचालय के लिए गई थी महिला
जेल अधीक्षक सुशांत कुमार राउत ने बताया, “मधुस्मिता बराल नाम की एक महिला कैदी पहले हमारी जेल में बंद थी। वह 6 दिसंबर 2025 से एक हत्या के मामले में यहां रह रही थी। आज उसने हमेशा की तरह सामान्य रूप से नाश्ता और दोपहर का भोजन किया था। दोपहर करीब 2:30 बजे वह एक अन्य महिला कैदी और एक महिला वार्डन के साथ महिला वार्ड के बरामदे में बैठी थी। तभी उसने शौचालय जाने की बात कही और वहां से चली गई।”
उन्होंने आगे बताया, “जब वह 15 से 20 मिनट तक वापस नहीं लौटी तो महिला वार्डर को संदेह हुआ और वह उसे देखने गई। महिला वार्ड के कमरों की तलाशी के दौरान उसने उसे साड़ी की मदद से छत के पंखे से लटका हुआ पाया। वार्डन ने तुरंत उसके पैरों को पकड़कर उसका वजन संभाला और वॉकी-टॉकी के जरिए हमें सूचना दी। मैं अन्य कर्मचारियों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचा, साड़ी खोली और जेल एंबुलेंस से उसे तुरंत निमापाड़ा अस्पताल भेजा।”
जेल अधीक्षक ने बताया कि करीब 3:45 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना को लेकर निमापड़ा थाना में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और आगे की कार्रवाई राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाएगी।
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