सांकेतिक तस्वीर।
हिमांशु यादव, मैनपुरी। ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेसवे किनारे जिले में औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाएगा। स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए औद्योगिक केंद्र के माध्यम से गतिविधियां संचालित होंगी।
जिले में गलियारा विकसित करने के लिए एक हजार हेक्टेयर भूमि का चिन्हांकन किया जाएगा। प्रदेश में एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा नए ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया जाना है।
इटावा के कुदरैल से हरदोई के कौसिया तक बनने वाले एक्सप्रेसवे के जिले में 30 किमी के दायरे में सिक्सलेन सड़क निर्माण होना है। एक्सप्रेसवे किनारे औद्योगिक गलियारा विकसित करने की योजना यूपीडा ने बनाई है।
औद्योगिक गलियारा के लिए एक हजार हेक्टेयर जमीन की तलाश की जाएगी। यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के निर्देश पर एडीएम श्यामलता आनंद ने जमीन चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं।
संबंधित जमीन को आवागमन की सुविधाओं, जलभराव से रहित, आबादी से दूर के इलाकों में चिन्हित किया जाएगा। अधिकारियों के पत्राचार के बाद भोगांव तहसील प्रशासन ने इस संबंध में कार्रवाई शुरू कर दी है।
तहसील क्षेत्र से एक्सप्रेसवे किनारे स्थित गांवों की जमीन पर औद्योगिक गलियारा विकास के लिए तहसीलदार गौरव कुमार अग्रवाल ने लेखपालों से प्रस्ताव मांगा है।
औद्योगिक गलियारा के किनारे तहसीलदार ने निर्धारित मानकों को पूरा करने वाली जमीन के प्रस्ताव को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। गलियारा विकासित होने के बाद जिले में औद्योगिक विकास में तेजी आने की संभावना है।
चिन्हित गांवों में जमीन खरीद तेज
लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भोगांव और किशनी तहसील के चिन्हित गांवों की जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया गति पकड़ने लगी है। संबंधित क्षेत्रों के लेखपालों को काश्तकारों को तहसील में लाकर रजिस्ट्री कराने के निर्देश दिए गए हैं।
एक्सप्रेसवे किनारे औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए जमीन चिन्हित करने का प्रयास किया जा रहा है। राजस्व अधिकारियों से जल्द जमीन का प्रस्ताव नक्शा सहित उपलब्ध कराने को कहा गया है।
नगेंद्र शर्मा, वरिष्ठ भू अर्जन अधिकारी यूपीडा लखनऊ  |
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