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इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । नगर थाने के अखाड़ाघाट स्थित कर्पूरी नगर बालूघाट मोहल्ले में करीब साढ़े चार वर्ष पूर्व साली से प्रेम संबंध पर साढ़ू राकेश सहनी (30) की हत्या के बाद उसके शव को टुकड़े-टुकड़े कर ड्रम में गलाने वाले अखाड़ाघाट बांध रोड निवासी सुभाष कुमार शर्मा को सजा सुनाई गई।
उसे हत्या की धारा में आजीवन कारावास की सजा के साथ 50 हजार रुपये का जुर्माना किया गया। जुर्माना राशि नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी।
वहीं, हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने की धारा में तीन वर्ष कठोर कारावास की सजा के साथ पांच हजार रुपये का जुर्माना किया गया। जुर्माना राशि नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
गवाहों के बयान व साक्ष्यों पर सत्र विचारण के बाद एडीजे-16 के न्यायाधीश ने सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाहों व साक्ष्यों को पेश किया गया। पुलिस ने सुभाष के विरुद्ध 15 नवंबर 2021 को आरोप पत्र दाखिल किया था।
विदित हो कि 19 सितंबर 2021 को राकेश सहनी के भाई दिनेश सहनी ने नगर थाने में प्राथमिकी कराई थी। इसमें राकेश की पत्नी राधा देवी, उसकी साली कृष्णा देवी, साढ़ू विकास कुमार व सुभाष कुमार शर्मा को नामजद आरोपित किया।
प्राथमिकी में कहा था कि भाई राकेश दिल्ली में रहता था। वहीं उसकी पत्नी राधा तीन बच्चों, बहन व उसके पति के साथ बालूघाट मोहल्ले के तीन मंजिला मकान में किराये पर रहती थी। राधा का अखाड़ाघाट बांध रोड के सुभाष के साथ प्रेम संबंध था। इसका राकेश ने कई बार विरोध किया था।
पत्नी ने प्रलोभन देकर राकेश को किसी तरह दिल्ली से यहां बुलाया। इसके बाद सभी आरोपितों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। शव के टुकड़े-टुकड़े कर उसे गलने के लिए नीले रंग के ड्रम में रखकर कमरे को बाहर से बंद कर दिया।
दिनेश ने बताया था कि कुछ दिनों से उसका भाई राकेश दिखाई नहीं दिया तो उसकी पत्नी रिंकू देवी खोज खबर लेने राधा के पास गईं। राधा ने बताया राकेश बाहर गया है।
18 सितंबर 2021 को रात करीब आठ बजे राधा के बंद किराये के कमरे में तेज आवाज के साथ विस्फोट हुआ और कमरे में आग लग गई। स्थानीय व दमकल की टीम ने आग पर काबू पाया। इसके बाद ड्रम को देखने पर हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ।
19 सितंबर 2021 को सुबह पुलिस ने कमरे के रखे ड्रम से शव के टुकड़े निकाले। 22 सितंबर 2021 को पुलिस ने आरोपित सुभाष को रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था। वह राधा के साथ भागने का प्रयास कर रहा था।
सुभाष से पुलिस को पता चला कि वह राकेश के शराब के धंधे में पार्टनर था। राकेश पत्नी राधा से बराबर झगड़ा करता था। उसके घर आने-जाने के क्रम में राधा से प्रेम हो गया। 11 सितंबर 2021 को राकेश को दिल्ली से बुलाकर 13 सितंबर की शाम उसकी तेज हथियार से हत्या की गई थी।
गर्दन काट कर सिर को अलग व हाथ पैर के टुकड़े-टुकड़े कर पहले से लाए गए ड्रम में रखकर दिया गया। शव को गलाने व दुर्गंध नहीं हो इसके लिए उसमें नमक, ब्लीचिंग पाउडर व फिनाइल डाला गया। इसमें रिएक्शन के कारण 18 सितंबर की शाम विस्फोट हुआ।  |
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