स्कूलों का विलय करने के बाद उनके परीक्षा केंद्र में कोई बदलाव नहीं होगा। प्रतीकात्मक फोटो
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। छात्र व छात्राओं स्कूलों का विलय करने के बाद उनके परीक्षा केंद्र में कोई बदलाव नहीं होगा। स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा इस वर्ष जिन स्कूलों को परीक्षा केंद्र घोषित किया गया है, परीक्षा उसी के अनुरूप होगी।
निदेशक स्कूल शिक्षा विभाग आशीष कोहली ने कहा कि हाल ही में किसी अन्य विद्यालय के साथ विलय किया गया है, तो भी परीक्षा केंद्र में कोई परिवर्तन नहीं होगा। कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं पूर्व व्यवस्था के अनुसार उसी स्कूल परिसर में आयोजित की जाएंगी।
सीबीएसई स्कूलों के लिए आवेदन तिथि बढ़ाई
वहीं, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षक नियुक्ति के लिए चयन परीक्षा के आवेदन की तिथि बढ़ा दी है। शिक्षक बिना विलंब शुल्क अब 5 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला यह चयन परीक्षा आयोजित करेगा। इससे अनुभवी शिक्षकों का बेहतर उपयोग, शैक्षणिक निरंतरता और संस्थागत स्थिरता सुनिश्चित होगी।
यदि इसके बाद भी पद रिक्त रहते हैं तो उन्हें सीधी भर्ती के माध्यम से भरा जाएगा, ताकि किसी भी स्कूल में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो।
स्कूलों में आपदा जागरूकता अभियान को बढ़ावा देने के निर्देश
उधर, राज्य सरकार ने स्कूलों में आपदा जागरूकता कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। निदेशक स्कूल शिक्षा विभाग आशीष कोहली की ओर से इस संबंध में सभी जिला के उप निदेशक को पत्र जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि वे अपने अधीन सभी शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी करें। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि शिक्षक और स्टाफ विद्यार्थियों को इन वीडियो के माध्यम से आपदा जागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करें।
शिक्षा विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना और आपात परिस्थितियों में सही प्रतिक्रिया देने की क्षमता विकसित करना है। |
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