search

फर्जी कार्डियोलाजिस्ट ने की जिला अस्पताल में नौकरी, रडार पर ज्वाइन कराने वाले डॉ बृज कुमार

deltin33 3 hour(s) ago views 120
  

प्रभारी प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ बृज कुमार  ---- डॉ विनोद सिंह



प्रमोद दुबे, अयोध्या : जिला अस्पताल में प्रभारी प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक के पद पर तैनाती के दौरान डॉ बृज कुमार पर एक दो नहीं कई आरोप लगे। इसमें सबसे बड़ा आरोप फर्जी कार्डियोलाजिस्ट के रूप में पहुंचे डॉ विनोद सिंह को ज्वाइन कराना मुख्य है।

डॉ बृज कुमार की लापरवाही इस कदर दिखी कि डॉ विनोद सिंह के कागजातों का बगैर सत्यापन कराए ही उसे ज्वाइन करा दिया गया। इतना ही नहीं विनोद को बस्ती जिले में डॉ गेंदा सिंह के नाम से फर्जी कागजात के सहारे नौकरी हासिल करने के प्रकरण में जेल जाने से जोड़ कर भी देखा जा रहा, पुलिस की जांच में आजमगढ़ और मऊ की सीमा पर स्थित एक गांव निवासी बांकेलाल राजभर के नाम का खुलासा हुआ था। उस दौरान डॉ बृज कुमार की तैनाती भी मऊ जिले में ही थी। वहीं जिला अस्पताल में फर्जी कार्डियोलाजिस्ट का राज खुलने के बाद डॉ बृजकुमार का नाम चर्चा में बना रहा।

शासन से नियुक्ति मिलने के बाद 23 सितंबर 2023 को डॉ विनोद सिंह जिला अस्पताल पहुंचा था। तत्कालीन प्रभारी प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ बृजकुमार ने नियमों को ताक पर रख कर डिग्रियों का बगैर सत्यापन कराए ही उनको तत्काल ज्वाइन करा दिया था। ज्वाइनिंग के बाद करीब दो माह तक डॉ विनोद सिंह अस्पताल से गायब रहा लेकिन उसको समय पर वेतन मिलता रहा।

इसके बाद जब प्रकरण मीडिया की सुर्खियों में आया तो उसने ड्यूटी आरंभ की। कथित डाक्टर ने छह माह में करीब दो दर्जन से अधिक वीवीआइपी ड्यूटियां भी कीं। इसमें राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री तक की ड्यूटी शामिल है। डॉ बृजकुमार के प्रशासनिक पद से सेवानिवृत्त होने पर उन्हें जिला अस्पताल में ही मानसिक रोग विशेषज्ञ के पद पर तैनात कर दिया गया। डॉ बृज कुमार से प्रभारी प्रमुख अधीक्षक का चार्ज लेने वाले डॉ उत्तम कुमार को डॉ विनोद पर शक हुआ तो उन्होंने उसका वेतन रोक कर डिग्री की जांच का फैसला लिया।

राज खुलता देख फर्जी चिकित्सक इस्तीफा देकर चलता बना, जो आजतक नही मिला। वहीं कागजात फर्जी मिलने के बाद डॉ उत्तम कुमार ने कोतवाली नगर में तहरीर देकर डॉ विनोद सिंह के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया गया था।  
मृत्यु प्रमाणपत्र मिलने से विवेचना भी समाप्त

जिला अस्पताल में तैनात रहे फर्जी कार्डियोलाजिस्ट डॉ विनोद सिंह को डेढ़ वर्ष से पुलिस तलाश रही थी, लेकिन उसका पता नहीं लग रहा था। इसी बीच विवेचक को फर्जी चिकित्सक का मृत्यु प्रमाणपत्र मिल गया। यह प्रमाणपत्र कब और किसने जारी किया है इसके बारे में समुचित जानकारी विवेचक देने से कतरा रहे हैं। मृत्यु प्रमाणपत्र मिलने के बाद विवेचना पूरी कर दी गई। इससे फर्जी चिकित्सक का प्रकरण ठंडा पड़ने के साथ ही उसकी नियुक्ति में शामिल रहे संदिग्धों के भी बचने की आशंका बढ़ गई। यह मृत्यु प्रमाणपत्र सही है या गलत इसके सत्यापन के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। विनोद सिंह ने फर्जी डिग्रियों के सहारे जिला अस्पताल में नौकरी हथियाने के बाद बड़ी संख्या में हृदय रोगियों के जीवन से उपचार के नाम पर खिलवाड़ किया है।  
राष्ट्रपति और पीएम की ड्यूटी कर चुका था फर्जी

रामनगरी में वर्ष 2024 में एक मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तथा पांच मई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगमन में फर्जी चिकित्सक विनोद सिंह ड्यूटी दे चुका था। इससे विशिष्टजनों की सुरक्षा में बड़ी चूक माना गया था।
डॉ गेंदा सिंह के पास दो ड्राइविंग लाइसेंस

वर्ष 2012 में बस्ती जिले में एक फर्जी चिकित्सक डॉ गेंदा सिंह पकड़ा गया था, जिसे लोग डा. विनोद सिंह से जोड़ कर देख रहे हैं। पुलिस गिरफ्तारी के दौरान डॉ गेंदा सिंह के पास दो ड्राइविंग लाइसेंस मिले थे, जिसमें एक डॉ गेंदा सिंह और दूसरा डॉ विनोद कुमार सिंह के नाम से था।
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4710K

Credits

administrator

Credits
475678