सोनीपत में नाले में डूबने से तीन साल के कार्तिक की मौत। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, गोहाना (सोनीपत)। नोएडा में बेसमेंट के लिए खोदे गए प्लाट में भरे पानी में गिरकर कार सवार साफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत की धटना को लोग अब तक भूल नहीं पाए हैं।
अब गोहाना के गांव भंडेरी में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। घर से महज 50 मीटर दूर स्थित पानी भरे नाले में डूबने से लगभग तीन वर्षीय मासूम कार्तिक की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
तालाब भरने के लिए बनाया था नाला
कार्तिक रविवार शाम करीब साढ़े चार बजे घर के बाहर खेल रहा था। खेलते-खेलते वह पास ही बने नाले की तरफ चला गया। यह नाला तालाब भरने के लिए बनाया गया था। करीब एक-डेढ़ माह पहले भंडारा वाले तालाब की सफाई के दौरान जलसर वाले तालाब में इसी नाले के माध्यम से पानी डाला गया था।
पानी डाले जाने के बाद भी नाले में काफी मात्रा में पानी भरा रह गया था। खेलते समय कार्तिक नाले के पास पहुंचा और फिसलने से उसमें गिर गया। नाले गहरा और उसमें अधिक पानी होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका और डूब गया।
काफी देर तक जब वह घर नहीं लौटा तो स्वजन ने उसकी तलाश शुरू की। जब उसका कोई सुराग नहीं लगा तो पुलिस को सूचना दी गई। देर शाम को तलाश के दौरान कार्तिक का शव नाले में मिला। मासूम को बाहर निकालते ही स्वजन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
ग्रामीणों में आक्रोष
हादसे के बाद ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि नाले के पास सुरक्षा के लिए कांटेदार झाडिय़ां डालने की मांग पहले भी की गई थी लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। अगर नाले के आसपास कांटेदार झाडिय़ां लगा दी जातीं तो बच्चे वहां तक नहीं पहुंच पाते और यह दर्दनाक हादसा टल सकता था।
कार्तिक के पिता सचिन निजी नौकरी करते हैं। कार्तिक से बड़ी उसकी दो बहनें हैं। इकलौते बेटे की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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