मेरठ। पांच वर्षों में मेरठ ने जिस स्वप्न को साकार होते हुए अपने सामने देखा, उसके लिए स्वागत किया, कष्ट उठाए और अब अंतत: मुस्कुराहटों का पुष्प बिखेर रहा है।
देश के प्रथम रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के प्रथम कारिडोर का निर्माण जब दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ को चुना गया था, तब शायद यकीन कर पाना संभव नहीं था, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के निर्देशन में कार्यदायी कंपनियों ने अनुशासित तरीके से कार्य शुरू किया तो शहर ने निर्माण का एक अलग ही अनुभव देखा। भारी भरकम मशीनें पहुंचने लगीं।
काम ने गति पकड़ी तो मेरठवासी फोन पर यह कहने लगे, बस कुछ दिन और इंतजार कीजिए, मैं भी दिल्ली वालों से कहूंगा कि रुको मैं आ रहा हूं। आज वह सपना साकार हो रहा है, अब एक घंटे से भी कम समय में दिल्ली पहुंच जाएंगे।
बता दें कि देश के प्रथम नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के सराय काले खां से न्यू अशोक नगर (5 किमी) और मेरठ साउथ से मोदीपुरम (21 किमी खंड) का उद्घाटन करके प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार-22 फरवरी-26 की तारीख को ऐतिहासिक बना दिया। इसके साथ ही मेरठ मेट्रो का भी मेरठ साउथ (दक्षिण) से लेकर मोदीपुरम (21 किमी) तक का शुभारंभ कर 22 फरवरी की तारीख को स्वर्णिम इतिहास के पन्नों में दर्ज कर दिया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली-मेरठ नमो भारत के संपूर्ण कारिडोर को होली पर्व से पूर्व ही अनूठे एवं बहुमूल्य एक बड़े उपहार के रूप में राष्ट्र को प्रदान कर दिया। वहीं, नमो ट्रेन के शुभारंभ के साथ ही यात्रियों को अब मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से लेकर सराय काले खां स्टेशन तक 82 किमी तक की यात्रा में करीब 55 मिनट का समय ही लगेगा। उधर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वागत में रविवार को शताब्दीनगर के पूरे स्टेशन परिसर को आकर्षक फूलों से सजाया गया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को शहर के दिल कहे जाने वाले शताब्दीनगर स्टेशन (दैनिक जागरण चौराहा) से दोपहर करीब 12.30 बजे मेरठ दक्षिण से लेकर मोदीपुरम तक के 21 किमी नमो भारत के विस्तारित कारिडोर का उद्घाटन किया। |