बोर्ड परीक्षा के दौरान सेंटर में सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य होना चाहिए। प्रतीकात्मक फोटो
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा निदेशालय ने 10वीं और 12वीं बोर्ड कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाओं की आनलाइन निगरानी के लिए सभी सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त करने के निर्देश जारी किए हैं। निदेशक आशीष कोहली ने सभी जिलों के उपनिदेशकों और स्कूल प्रधानाचार्यों को पत्र भेजा है।
पत्र में कहा है कि सभी सीसीटीवी कैमरे कार्यशील होने चाहिए और यदि बिजली जाती है तो स्कूल में बैकअप की व्यवस्था भी होनी चाहिए, ताकि कैमरे सक्रिय रह सकें।
विभाग व बोर्ड के निर्देशों का उल्लंघन
परीक्षाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने के लिए परीक्षा केंद्रों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग को जानकारी मिली है कि कई स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे या तो नहीं हैं या फिर खराब पड़े हुए हैं। यह बोर्ड और शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है।
सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था अनिवार्य
परीक्षा केंद्र के रूप में स्वीकृति के लिए यह अनिवार्य है कि विद्यालय में कार्यशील सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था हो और उसका सीधा प्रसारण बोर्ड और निदेशालय के साथ साझा किया जाए।
डेडलाइन जारी, इसके बाद होगी कार्रवाई
सभी प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वे 25 फरवरी तक अपने परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित कर उन्हें पूर्णतः क्रियाशील बनाएं। परीक्षा अवधि के दौरान निर्बाध सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित करना आवश्यक है। निर्देशों की अवहेलना या लापरवाही के लिए संबंधित प्रधानाचार्य को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
उनके खिलाफ सीसीएस (आचरण) नियम, 1964 के तहत कार्रवाई की जाएगी, और परीक्षा केंद्रों की मान्यता रद्द करने की सिफारिश की जाएगी। भविष्य में उन्हें बोर्ड परीक्षा संचालन के लिए ब्लैक लिस्ट भी किया जा सकता है।
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