बीएचयू फायरिंग के बाद छात्रों का प्रदर्शन, बिरला छात्रावास के पास चक्का जाम।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। बीएचयू में देर रात फायरिंग मामले में पांच युवकों पर मामला दर्ज तो कर लिया गया है लेकिन फायरिंंग के बाद विवाद थमा नहीं है। बिरला छात्रावास के पास छात्रों ने रविवार को चक्का जाम कर धरना प्रदर्शन किया। छात्रों का यह प्रदर्शन विभिन्न मांगों को लेकर था, जिसमें बेहतर सुविधाओं और सुरक्षा की मांग शामिल है।
छात्रों ने कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर वे आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे। धरने के दौरान छात्रों ने नारेबाजी की और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की अपील की। इस घटना ने विश्वविद्यालय परिसर में तनाव बढ़ा दिया है। छात्रों का कहना है कि उनकी आवाज़ को सुना जाना चाहिए और उचित कदम उठाए जाने चाहिए। रास्ते से लोगों का आवागमन प्रदर्शन के दौरान बंद रहा तो रविवार का दिन होने से परिसर में प्रशासनिक अधिकारी भी नहीं रहे।
बीएचयू परिसर में शनिवार को फायरिंग और इसके बाद हुए हंगामा के बाद पुलिस ने रविवार को चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। बीए तृतीय वर्ष के छात्र रौशन मिश्रा की तहरीर पर यह कार्रवाई की गई। नामजद आरोपितों में सासाराम (बिहार) निवासी पीयूष कुमार तिवारी, ऋषभ (पता अज्ञात) और तपस (पता अज्ञात) के खिलाफ फायरिंग कर जानलेवा हमला करने की धाराओं में केस दर्ज हुआ है। वहीं, निष्कासित छात्र क्षितिज उपाध्याय और अभिषेक उपाध्याय पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है। इसका पता फिलहाल अज्ञात बताया गया है। लंका पुलिस का कहना है कि सभी आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
पुलिस के अनुसार शनिवार रात बिड़ला ‘अ’ छात्रावास के मुख्य द्वार पर बाइक सवार हमलावरों ने रौशन मिश्रा और उनके साथी विशाल कुमार पर फायरिंग कर दी। हमलावरों ने चार गोलियां चलाईं। हमले में दोनों छात्र बाल-बाल बच गए। घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्र बिड़ला चौराहे पर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें शांत कराया।
क्षेत्राधिकारी (एसीपी) गौरव कुमार ने बताया कि आरोपितों पर गैर-जमानती धाराएं लगाई गई हैं। साक्ष्य संकलन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य संदिग्धों की भी पहचान की जा रही है। पुलिस घटना के पीछे की पृष्ठभूमि और संभावित आपसी रंजिश या अन्य कारणों की भी जांच कर रही हैं। |
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