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जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। उत्तराखंड में अगले महीने से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को लेकर तैयारियों का दौर शुरू हो गया है। शनिवार को सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने मेडिकल कालेज सभागार में बैठक के दौरान अफसरों को अहम निर्देश भी दिए।
कहा कि एसआईआर के दौरान किसी भी व्यक्ति का फार्म रद करने से पहले उसे अंतिम मौका देना होगा। ताकि कमियों को दूर किया जा सके। इसके अलावा फोन के माध्यम से मतदाताओं से संपर्क किया जाएगा।
राज्य में एसआईआर से पूर्व प्री एसआईआर कर मतदाता सूची की कमियों को दूर करने का अभियान चला था। जो अब भी जारी है। राज्य की अलग-अलग विधानसभाओं के वोटरों की 2003 की सूची के हिसाब से मैपिंग की जा रही है। नैनीताल जिले के 80 प्रतिशत वोटरों की मैपिंग हो चुकी है। 28 फरवरी तक छूटे लोगों को तलाशना होगा।
मेडिकल कालेज में बैठक के दौरान मैपिंग की समीक्षा करते हुए सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने कहा कि लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। इसके लिए बूथ लेवल आफिसर को संवाद पर जोर देना होगा। प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य पात्र मतदाता को हर हाल में सूची में शामिल करना है।
अलग-अलग दलों के बीएलओ यानी बूथ लेवल एजेंट को भी प्रशिक्षण मिलेगा। इस दौरान एडीएम विवेक राय, सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी, एसडीएम गोपाल चौहान, विपिन पंत, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी एचडी पांडे आदि मौजूद थे।
अतिक्रमण पर कार्रवाई होने पर नहीं मिले वोटर
बैठक के दौरान पता चला कि हल्द्वानी, कालाढूंगी और लालकुआं विधानसभा में मैपिंग प्रतिशत कम है। जानकारी लेने पर बीएलओ ने बताया कि समय-समय पर अतिक्रमण के विरुद्ध चले अभियान के दौरान कई लोग दूसरी जगहों पर शिफ्ट हो चुके हैं। इन सभी को नोटिस भेजे जाएंगे।
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