क्वेंटिन डेरांके की हत्या के विरोध में प्रदर्शन। (रॉयटर्स)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। फ्रांस के ल्योन शहर में एक नेशनलिस्ट एक्टिविस्ट की पिटाई से मौत के बाद शनिवार को दक्षिणपंथी ग्रुप्स द्वारा आयोजित एक मार्च में करीब 3,000 लोग शामिल हुए। इस घटना ने अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले सियासी माहौल को गर्म कर दिया है।
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 23 साल के क्वेंटिन डेरांके को श्रद्धांजलि देने से पहले लोगों से शांति की अपील की। डेरांके की पिछले हफ्ते एक हॉस्पिटल में ब्रेन इंजरी से मौत हो गई थी।
मैक्रों में कहा, “यह मारे गए इस युवा साथी, उसरे परिवार और प्रियजनों के लिए याद और सम्मान का पल है। यह सबसे पहले आना चाहिए। यह दृढ़ता और जिम्मेदारी की पल है।“
मामले में अब तक क्या हुआ?
क्वेंटिन डेरांके मौत मामले में सात लोगों को पर चार्ज लगाए गए हैं। ल्योन के पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ऑफिस ने अपील की है कि उन सभी पर जानबूझकर हत्या और क्रिमिनल कॉन्सप्रेसी का चार्ज लगाया जाए। आरोपियों में से छह पर तीनों मामलों में चार्ज लगाए गए। सातवें पर जानबूझकर हत्या, गंभीर हिंसा और क्रिमिनल साजिश में शामिल होने का चार्ज लगाया गया।
स्टूडेंट मीटिंग के दौरान हुआ हमला
डेरांके पर हमला एक स्टूडेंट मीटिंग के दौरान हुआ, जो लेफ्ट और राइट सपोर्टर्स के बीच हुई लड़ाई के दौरान हुआ। जिसमें लेफ्ट लॉमेकर रीमा हसन कीनोट स्पीकर थीं।
मैक्रों ने कहा कि वह अगले हफ्ते मंत्रियों के साथ मीटिंग करेंगे ताकि उन सभी हिंसक एक्टिविस्ट ग्रुप्स का पूरा रिव्यू किया जा सके जिनके पॉलिटिकल पार्टियों से लिंक हैं। उन्होंने इशारा किया कि कुछ ग्रुप्स को खत्म किया जा सकता है।
रिपब्लिक में कोई भी हिंसा जायज नहीं- मैक्रों
उन्होंने कहा, “रिपब्लिक में कोई भी हिंसा जायज नहीं है। मिलिशिया के लिए कोई जगह नहीं है, चाहे वे कहीं से भी आएं। हमें बिल्कुल भी समझौता नहीं करना चाहिए।“
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