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कैप्शन: आर्ट ऑफ लिविंग परिवार की ओर से शिवाला बाग भाइयां शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम
कमल कोहली, अमृतसर। गुरु नगरी की पावन धरा पर शुक्रवार को शिवभक्तों को अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हुआ, जब 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम माने जाने वाले सोमनाथ मंदिर से जुड़े खंडित शिवलिंग के अवशेषों के दर्शन करवाए गए। यह पावन आयोजन शिवाला बाग भाइया में संपन्न हुआ, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए।
बताया गया कि लगभग 1,000 वर्ष पूर्व 1026 ई. में आक्रांता महमूद गजनवी के आक्रमण के दौरान खंडित हुए शिवलिंग के संरक्षित अवशेषों को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ लाया गया है। इन अवशेषों के दर्शन करते समय शिवभक्तों में उत्साह और श्रद्धा दिखाई दी। भक्तों ने शीश नवाकर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस दौरान “जय श्री भोलेनाथ“ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा
भारतीय संस्कृति को पुनर्जागरण करना ही है संदेश
आयोजन के दौरान आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन परिवार की ओर से विधिवत धार्मिक परंपराओं के अनुसार कार्यक्रम संपन्न करवाया गया। श्रद्धालुओं को शिवलिंग के इतिहास और उसके महत्व के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के मार्गदर्शन में निकाली जा रही इस \“सोमनाथ स्वाभिमान पर्व\“ यात्रा का उद्देश्य भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण का संदेश देना है।
स्वामी ब्रह्म चैतन्य जी महाराज के सानिध्य में प्रातः श्री रुद्र पूजा संपन्न हुई। भजन मंडलियों द्वारा शिव महिमा का गुणगान किया गया और श्रद्धालुओं ने गुलाब के फूल अर्पित कर पूजा अर्चना की।
देशभर से निकाली जा रही यात्रा
बड़ी संख्या में भक्त अपने मोबाइल फोन में इस ऐतिहासिक क्षण को संजोते नजर आए। परिवार के पदाधिकारियों ने बताया कि यह यात्रा देशभर में निकाली जा रही है, जिसमें अग्निहोत्री ब्राह्मणों द्वारा संरक्षित प्रचीन शिवलिंग के टुकड़ों को श्रद्धालुओं तक पहुंचाया जा रहा है।
इस अवसर पर गद्दी श्री बाबा लाल दयाल जी के प्रतिनिधि, महंत अनंत दास जी महाराज, श्री दुर्गाणा कमेटी के महासचिव अरुण खन्ना सहित विभिन्न धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन ने अमृतसर में आध्यात्मिक वातावरण को और भी दिव्य बना दिया।
25 और 26 को लुधियाना में रहेगी यात्रा 1,000 वर्ष पूर्व हुए हमले की स्मृति में यह यात्रा 108 अश्वों के साथ शौर्य यात्रा के रूप में
आयोजित की जा रही है, जो सोमनाथ की रक्षा में बलिदान देने वाले वीरों को समर्पित है। यात्रा 25 और 26 फरवरी को लुधियाना के श्री गोविंद धाम पहुंचेगी, 2 मार्च को जालंधर तथा 5 मार्च को पठानकोट के श्री रामलीला मैदान में श्रद्धालुओं को दर्शन करवाए जाएंगे। |
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