जागरण संवाददाता, मेरठ। धागा कारोबारी को अगवा कर 20 लाख की वसूली करने वाले दोनों दारोगाओं को पुलिस ने प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया।
लिसाड़ीगेट के इस्लामाबाद में राशिक की धागे की दुकान और कपड़े का कारखाना हैं। राशिक के साथ उनके भाई रागिब की कारखाने पर बैठते हैं। एक दिसंबर को दोनों भाइयों ने दुकान और कारखाना पर बैंक से डेढ़ करोड़ की लिमिट बनवाई।
उसके बाद बैंक खाते से दुबई रकम भेजी थी, जो वापस उनके खाते में आ गई। पुलिस के मुखबिर चीनू ने लोहियानगर थाने के दारोगा लोकेंद्र साहू और महेश गंगवार को राशिक के खाते में हवाला की रकम आने की सूचना दी। दोनों दारोगाओं ने राशिक को नौ दिसंबर शाम चार बजे घर से उठा लिया।
धमकी दी कि दिल्ली के ब्लास्ट में उसका नाम खुलवा दिया जाएगा। राशिक ने रागिब और बहनोई नईम को हापुड़ रोड पर बुला लिया। राशिक को छोड़ने की एवज में दोनों दारोगा ने 50 लाख की मांग की। बाद में 20 लाख में सौदा तय होने पर तीन किश्तों में रकम ली गई।
21 जनवरी को दारोगा लोकेंद्र साहू ने दोनों भाइयों को वाट्सएप काल कर पांच लाख की रकम और मांगी।
तब व्यापारी ने दोनों दारोगा के मोबाइल की लोकेशन निकालकर 28 जनवरी को एसपी सिटी से शिकायत की। जांच में सभी आरोप सही मिले।
नए एसएसपी अविनाश पांडेय की तैनाती के बाद पांच फरवरी को दोनों दारोगा ने 15 लाख रुपये वापस कर दिए। हालांकि दोनों को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया था। 10 फरवरी को दोनों दारोगा पर लिसाड़ीगेट थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का मुकदमा दर्ज किया गया।
एएसपी अंतरिक्ष जैन ने बताया कि दोनों दारोगाओं को प्रयागराज में अधिवक्ता के चेंबर से गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों अग्रिम जमानत के प्रयास में थे। पुलिस दोनों को वहां से बी वारंट पर मेरठ लेकर आ रही है। |
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