ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में शुक्रवार को दर्शन के लिए उमड़ी भीड़।
संवाद सहयोगी, जागरण, वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर सेवायत और उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति के बीच तालमेल बैठ नहीं पा रहा है। समिति की अपील के बाद भी ठाकुर जी को शाम को गर्भगृह में ही विराजित कर दर्शन कराए जा रहे हैं।
शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन भी सुबह समिति के सदस्य सेवायत ने तो जगमोहन पर ही ठाकुर जी को विराजित कर दर्शन कराए, लेकिन शाम की सेवा में दूसरे सेवायत ने गर्भगृह में विराजित किया।
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर की व्यवस्थाओं की देखरेख के लिए सुप्रीम कोर्ट ने उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति बनाई। समिति के दर्शन का समय बढ़ाने आदि के आदेश को सेवायत मानने को तैयार नहीं हैं। समिति में शामिल सदस्य सेवायत श्रीवर्धन गोस्वामी की सेवा बुधवार से शुरू हुई।
ऐसे में उन्होंने समिति से अनुमति लेकर ठाकुर जी को अपनी सुबह की सेवा में गर्भगृह के बाहर जगमोहन में विराजित कराया। इसे लेकर अन्य सेवायतों ने हंगामा किया। उनका आरोप है कि ठाकुर जी को सिंहासन के बजाए तख्त पर ही विराजित किया गया।
उन्हें विशेष पर्वों के अलावा जगमोहन में विराजित करना परंपरा के विरुद्ध है। शाम को शयनभोग में जिन सेवायतों की सेवा है, उनसे भी समिति ने ठाकुर जी को जगमोहन में ही विराजित कर दर्शन कराने की अपील की। लेकिन वह राजी नहीं हुए।
हंगामे को देख गुरुवार को समिति ने आपात बैठक भी बुलाई, लेकिन इस बैठक में भी कोई नतीजा नहीं निकला। हालांकि, शुक्रवार सुबह ठाकुर जी को सिंहासन पर ही विराजित किया गया।
मंदिर के सेवायत हिमांशु गोस्वामी कहते हैं कि समिति हमें जब तक लिखित में आदेश नहीं देगी, हम ठाकुर जी को गर्भगृह में ही विराजित कर दर्शन कराएंगे। |