संवादसूत्र, सुलतानपुर। अमेठी के सपा समर्थक कार्यकर्ता आलोक पाल की हत्या के मामले में शुक्रवार को एडीजे तृतीय निशा सिंह ने दो सगे भाइयों समेत पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों पर 90 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।
अमेठी जिले के संग्रामपुर थाने के ग्राम पूरे गड़ेरियन मौजा राजापुर कोहरा निवासी सपा के बूथ कार्यकर्ता आलोक पाल अपने भाई प्रशांत पाल के साथ दो मार्च 2022 को सामान खरीदने बाजार जा रहे थे। रास्ते में ननकूदास की कुटी के पास घात लगाकर बैठे आरोपितों ने दोनों पर लाठी, डंडा व लोहे के राड से जानलेवा हमला कर दिया था।
इलाज के दौरान हो गई थी मौत
गंभीर रूप से घायल आलोक पाल की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मृतक के पिता रामराज पाल ने गांव के अजय मिश्र, माधव राज मिश्र, आशुतोष मिश्र, अभिषेक मिश्र, दुर्गा प्रसाद व तीन अज्ञात आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था।
केस की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से वादी मुकदमा के अधिवक्ता रवि शुक्ल ने घटना को साबित करने के लिए नौ गवाहों को कोर्ट में पेश किया। शुक्रवार को कोर्ट ने दोषी आशुतोष मिश्र, माधव राज मिश्र व उनके पुत्र अभिषेक मिश्र, और सगे भाइयों अजय मिश्र व दुर्गा प्रसाद को सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया है।
अमेठी की पूर्व नपं अध्यक्ष के केस की शीध्र सुनवाई के आदेश
धोखाधड़ी कर व्यापारी नेता का मकान दूसरे के नाम दर्ज करने के मामले में अमेठी की पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष चंद्रमा देवी के खिलाफ दायर केस की शीध्र सुनवाई पूरी करने का आदेश हाईकोर्ट ने दिया है। हाईकोर्ट ने यह आदेश पूर्व नपं अध्यक्ष की याचिका पर दिया है।
साथ ही उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट व कुर्की का नोटिस पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने शर्त लगाई है कि पूर्व नपं अध्यक्ष विचारण में सहयोग करेंगी और अनावश्यक मौका नहीं लेगी। अधिवक्ता अरविंद सिंह राजा ने बताया कि शनिवार को पूर्व नपं अध्यक्ष की जमानत पर सुनवाई होगी।
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अमेठी के उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नगर अध्यक्ष घनश्याम सोनी ने चंद्रमा देवी और मुहल्ले के ही लल्लू प्रसाद सोनी, लालजी सोनी, पुजारी लाल सोनी व संगम लाल सोनी के विरुद्ध कोर्ट में मुकदमा (परिवाद) दायर किया था।
घनश्याम का आरोप है कि नगर पंचायत अध्यक्ष रहने के दौरान चंद्रमा देवी ने धोखाधड़ी कर उनका मकान लल्लू प्रसाद सोनी, लालजी सोनी, पुजारी लाल सोनी व संगम लाल सोनी के नाम दर्ज कर दिया था। आठ फरवरी 2024 को कोर्ट ने आरोपितों को विचारण के लिए तलब किया था। |
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