समृद्ध कृषक योजना के तहत 6,088 करोड़ रुपये का प्रावधान। (जागरण)
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। राज्य सरकार ने बजट में कृषि और किसान कल्याण को विशेष प्राथमिकता दी है। समृद्ध कृषक योजना के तहत 6,088 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि मुख्यमंत्री किसान योजना के लिए 2,030 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
सरकार का फोकस किसानों की आय बढ़ाने, समय पर भुगतान और कृषि अवसंरचना को मजबूत करने पर साफ नजर आता है।
नए कृषि व पशुपालन महाविद्यालयों की घोषणा
बजट में शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। इसमें मुख्य रूप से मयूरभंज जिले में नया कृषि महाविद्यालय खोलने के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
चिपिलिमा में पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय, बलांगीर में कृषि महाविद्यालय और सोनपुर में मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय की स्थापना की घोषणा, जिनके लिए कुल 30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
धान खरीद और भुगतान व्यवस्था को मजबूती
किसानों को समय पर भुगतान और धान की निर्बाध खरीद सुनिश्चित करने के लिए 5,000 करोड़ रुपये का रिवॉल्विंग फंड प्रस्तावित किया गया है। वहीं श्री अन्न अभियान के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
सहकारिता, नदी और ब्लू इकोनॉमी पर जोर
सहकारी समितियों को सशक्त बनाने के लिए नई योजना के तहत 15 करोड़ रुपये दिए गए हैं।नदी जोड़ो परियोजना के लिए 10 करोड़ रुपये,महानदी रिवरफ्रंट विकास योजना के लिए 80 करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान किया गया है।
मत्स्य, पशुपालन और आपदा प्रबंधन
मत्स्य एवं पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए ब्लू इकोनॉमी पहल के तहत 2,019 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं बाढ़ प्रबंधन के लिए 530 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
कुल मिलाकर, यह बजट किसानों, कृषि शिक्षा, जल संसाधन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला माना जा रहा है।
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