आदित्य कुमार
जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। गरीबी से जूझता परिवार और पिता की अचानक मृत्यु से बच्चे टूट जाते हैं, लेकिन ऐसे हालात में भी ऊंचागांव क्षेत्र के शफीनगर गांव निवासी मेधावी छात्र ने पहले ही प्रयास में जेई मैन्स की परीक्षा पास की। सफलता पाने वाले मेधावी को ग्रामीणों और परिचितों ने बधाई दी है।
शफीनगर गांव निवासी किरनपाल सिंह गाजियाबाद में किराए पर रहकर डेयरी का काम करते और परिवार का भरण पोषण करते थे। इनकी पत्नी गीता देवी पहले से बीमार रहती हैं। इस साल 18 जनवरी को किरनपाल सिंह की अचानक मृत्यु हो गई। इसके बाद पांच बच्चों और पत्नी पर दुख का पहाड़ टूट गया।
उनकी चार बेटियां और बेटे आदित्य कुमार के सामने संकट खड़ा हो गया। आदित्य भाई-बहनों में सबसे छोटा है। परिवार में कमाने वाला ही चला गया तो परिवार गांव में लौट आया।
आदित्य कुमार गाजियाबाद में राजकीय बाल विद्यालय में कक्षा 12 में पढ़ता है। पिता की मृत्यु के तीसरे दिन 21 जनवरी को जेई मैन्स की परीक्षा दी। इस समय उसकी यूपी बोर्ड परीक्षा चल रही है और इसी बीच जेई मैन्स का परीक्षा परिणाम आया। इसमें बच्चे ने 92.32 प्रतिशत अंक प्राप्त कर नाम रोशन कर दिया। आदित्य कुमार ने बताया कि इस समय वह किराए पर कमरा लेकर गाजियाबाद में ही यूपी बोर्ड 12वीं की परीक्षा दे रहा है।
अधिकारी के परिवार ने की मदद
गाजियाबाद में किरनपाल की डेयरी से एक अधिकारी के यहां दूध जाता था। तभी अधिकारी ने बच्चे से बात करके कहा। भले ही सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं, लेकिन दम है। मार्ग दर्शन करने के साथ पढ़ाई और बुक आदि की मदद की। |
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