नहीं रुक रहा खुले नालों में मासूमों की मौत का सिलसिला
संवाद सूत्र, नौबतपुर(पटना)। थाना क्षेत्र के सरासत गांव में गुरुवार को बच्ची घर नहीं लौटी तो खोजबीन के दौरान ग्रामीणों की नजर गांव के एक नाले के खुले चैंबर पर पड़ी। स्वजन को शक हुआ कि कहीं बच्ची नाले में तो नहीं गिर गई। संदेह के आधार पर जब डंडा डालकर देखा गया तो बच्ची का कपड़ा दिखाई दिया।
इसके बाद स्वजन ने ग्रामीणों की मदद से मोटर लगाकर नाले से पानी निकालना शुरू किया। पानी निकलने के बाद बच्ची कीचड़ में फंसी हुई मिली। आनन-फानन में उसे बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस सभी पहलुओं पर कर रही जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन की। प्रारंभिक तौर पर इसे हादसा माना जा रहा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
वहीं, ग्रामीण खुले नालों को ढकने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। वहीं स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
नाले में गिरने से बच्चों की मौत
- फरवरी 2026: फुलवारी शरीफ के ईसापुर इलाके में दोपहर में खुले नाले में गिरकर दो साल की बच्ची की मौत हो गई।
- मई 2024: दीघा थाना क्षेत्र के रामजी चक स्थित एक निजी के नाले में सात साल के बच्चे का शव मिला था। बच्चा स्कूल ड्रेस में था।
- अगस्त 2025: बुद्धा कालोनी क्षेत्र से घर के बाहर खेल रही पांच वर्ष की बच्ची मंदिरी इलाके में खुले नाले के चेंबर में गिर गई। उसकी मौत हो गई।
- नवंबर 2022: राजीव नगर थाना क्षेत्र के रोड नंबर-23 में चार साल का बच्चा खुले नाले में जा गिरा। बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी मौत हो गई।
- जुलाई 2021: चौक थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड-64 में खुले नाले में गिरने से चार साल की एक बच्ची की मौत हो गई। यह घटना तब हुई तब वह घर के बाहर खेल रही थी।
- नवंबर 2018: एसके पुरी थाना क्षेत्र के मोहनपुर-पुनाईचक नाले में एक दस साल का बच्चा गिर गया था। कई दिनों तक खोजबीन हुई, लेकिन वह नहीं मिला।
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