केजीएमयू की कुलपति ने ओएसडी को हटाया
जागरण संवाददाता, लखनऊ। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) की कुलपति ने ओएसडी सैय्यद अख्तर अब्बास को हटा दिया है। हाल ही में विश्वविद्यालय में जूनियर रेजिडेंट के साथ मतांतरण के प्रयास और यौन शोषण के मामले के बाद हिंदू संगठनों ने कई गंभीर आरोप लगाए थे।
केजीएमयू प्रशासन ने आखिरकार ओएसडी को हटाकर लिपिक संवर्ग के कर्मचारी को कामकाज की जिम्मेदारी दी है। अभी किसी ओएसडी की नियुक्ति नहीं की गई है।
पिछले माह जनवरी में पैथोलाजी की रेजिडेंट डॉक्टर ने विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉ. रमीजुद्दीन पर मतांतरण के प्रयास समेत कई गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़िता की शिकायत के बाद केजीएमयू की ओर से गठित सात सदस्यीय विशाखा कमेटी ने भी रमीजुद्दीन पर लगे सभी आरोप सही पाए।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसका दाखिला निरस्त कर दिया। आरोपित के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। इस मामले के दौरान हिंदू संगठनों ने कुलपति के ओएसडी को भी हटाने की मांग की थी। कुलपति ने रिटायरमेंट के बाद सैयद अख्तर अब्बास को ओएसडी बनाया था। प्रवक्ता डॉ. केके सिंह का कहना है कि कुलपति के ओएसडी को हटा दिया गया है। जल्द ही नए ओएसडी की नियुक्ति होगी।
डिप्टी सीएम ने दिए जांच के आदेश
विधान परिषद में कुलपति के पूर्व ओएसडी सैय्यद अख्तर अब्बास व कर्मचारियों पर नियम विरुद्ध सेवानिवृत्त लाभ एवं पेंशन प्रदान करने की शिकायतें की गईं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने शिकायत पर गुरुवार को जांच के आदेश दिए हैं।
दो सदस्यीय कमेटी बिना विनियमितीकरण किए तदर्थ कर्मचारी को पेंशन व दूसरे वित्तीय लाभ दिए जाने की जांच करेगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग की विशेष सचिव कृतिका शर्मा को कमेटी का अध्यक्ष नियुक्ति किया गया है, जबकि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभग के वित्त नियंत्रक को सदस्य बनाया गया है।
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